मूंगफली की फसल को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है। अधिक पानी देने से पौधे सड़ने की संभावना बनी रहती है। पानी: हर 2-3 दिन में हल्का पानी दें, ताकि मिट्टी नम बनी रहे। धूप: मूंगफली के लिए धूप बेहद जरूरी है।

Peanut cultivation : खेतों में होने वाली खेती अब शहरों की छतों पर भी अपना जादू दिखा रही है। अगर आप भी घर पर ऑर्गेनिक सब्जियां और फल उगाने के शौकीन हैं, तो मूंगफली की खेती आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह न केवल आसानी से उगाई जा सकती है, बल्कि इसके लिए ज्यादा जगह या खास मेहनत की भी जरूरत नहीं होती। आइए जानते हैं कि कैसे आप अपने घर की छत या गमले में मूंगफली उगाकर खुद की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।
मूंगफली एक गर्म मौसम की फसल है। इसे बोने के लिए मार्च से जून का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है। बीज के सही ढंग से अंकुरित होने के लिए 25 से 35 डिग्री सेल्सियस का तापमान आदर्श माना जाता है। इस तापमान में बीज जल्दी और आसानी से अंकुरित हो जाते हैं।
मूंगफली की खेती का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है मिट्टी। यह फसल हल्की और रेतीली मिट्टी में सबसे अच्छी बढ़ती है। अगर आप गमले में इसे लगा रहे हैं, तो मिट्टी का मिश्रण: 60% मिट्टी और 40% बालू या रेत का मिश्रण तैयार करें। इससे मिट्टी ढीली रहती है, जिससे बीज को अंकुरण में आसानी होती है और फली बनने के लिए जगह मिलती है। खाद पौधे को पर्याप्त पोषण देने के लिए मिट्टी में केंचुआ खाद या गोबर की सड़ी हुई जैविक खाद का उपयोग करें।
घर पर मूंगफली बोने के लिए आप आसानी से बाजार से कच्ची मूंगफनी ले सकते हैं। भिगोना बुवाई से एक दिन पहले बीजों को हल्के पानी में भिगोकर रख दें। बोना: गमले में 5 से 6 सेंटीमीटर गहराई तक बीज बोएं और ऊपर से हल्की मिट्टी से ढक दें। दूरी: पौधों को सही जगह मिले, इसके लिए दो बीजों के बीच कम से कम 10 सेंटीमीटर की दूरी जरूर रखें।
मूंगफली की फसल को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है। अधिक पानी देने से पौधे सड़ने की संभावना बनी रहती है। पानी: हर 2-3 दिन में हल्का पानी दें, ताकि मिट्टी नम बनी रहे। धूप: मूंगफली के लिए धूप बेहद जरूरी है। गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना 6 से 8 घंटे तक सीधी धूप मिलती हो।
यह फसल प्रकृति का एक अनूठा खेल है। बुवाई के 30 से 40 दिन बाद पौधे में फूल आने लगते हैं। जब फूल झड़ते हैं, तो उनकी डंडी (Peg) मिट्टी के अंदर जाने लगती है और वहीं जमीन के नीचे फली का निर्माण होता है। यह मूंगफली उगाने का सबसे रोमांचक चरण होता है। फली पूरी तरह तैयार होने में लगभग 3 से 4 महीने का समय लगता है।
जब पौधे के पत्ते पीले पड़ने लगें और सूखने लगें, तो समझ जाएं कि फसल पक चुकी है। इस अवस्था में पौधे को सावधानी से उखाड़ें। मिट्टी को साफ करके फलियों को अलग करें और कुछ दिनों तक धूप में अच्छी तरह सुखाएं। इस तरह आपकी घर पर उगाई गई पूरी तरह से ऑर्गेनिक और केमिकल-फ्री मूंगफली आपके खाने के लिए तैयार है। Peanut cultivation