मुंबई पुलिस का बड़ा पर्दाफाश, 2.81 करोड़ की चरस जब्त, अंतरराष्ट्रीय रैकेट भंडाफोड़
पुलिस की पूछताछ में नेपाल के मुख्य सप्लायरों और मुंबई में फैले अन्य स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटरों के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह नेटवर्क काफी विस्तृत है और यह सिंडिकेट पिछले कुछ महीनों से मुंबई में ड्रग्स की निरंतर सप्लाई कर रहा था।

International Drugs Syndicate : नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ मुंबई पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए करीब 2.81 करोड़ रुपये की चरस जब्त की है और इस गिरोह से जुड़े चार प्रमुख तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस की वर्ली यूनिट ने अत्यंत गोपनीय तरीके से अंजाम दी, जिसमें नेपाल से भारत तक फैले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
नेपाल का तार, बिहार का जरिया और मुंबई का ठिकाना
पुलिस विभाग के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को पकड़ने के लिए कई स्तरों पर छापेमारी की गई। कुल मिलाकर 2.81 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस बरामद हुई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो नेपाली नागरिक—दीपक लामा (31) और सुंदर रुम्बा (28)—शामिल हैं। वहीं, मुंबई के स्थानीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने विले पार्ले वेस्ट निवासी आबिद और उसकी पत्नी को भी हिरासत में लिया है।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नशे की यह खेप नेपाल से भारत की सीमा पार करके लाई जाती थी। तस्करी का यह 'खतरनाक रूट' नेपाल से शुरू होकर बिहार के ट्रांजिट पॉइंट से होते हुए मुंबई तक पहुंचता था। आरोपी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे और ट्रेन के जरिए चरस को बिहार से सीधे मुंबई लाते थे।
फिल्मी अंदाज में हुई सिलसिलेवार कार्रवाई
पुलिस का यह ऑपरेशन किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था, जिसे कई चरणों में अंजाम दिया गया:
- पहली कार्रवाई: शुरुआती छापेमारी में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 1.715 किलोग्राम चरस और नकदी बरामद हुई।
- दूसरी कार्रवाई (26 फरवरी): गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर लोअर लिंक इलाके से एक स्थानीय पेडलर को दबोचा गया, जिसके पास से 1.103 किलोग्राम चरस मिली।
- तीसरी कार्रवाई (27 फरवरी): सिंडिकेट के वित्तीय ढांचे को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया, जो पूरे गैंग का आर्थिक लेनदेन और हिसाब-किताब संभाल रही थी।
आगे की कार्रवाई और पुलिस का बयान
पुलिस की पूछताछ में नेपाल के मुख्य सप्लायरों और मुंबई में फैले अन्य स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटरों के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह नेटवर्क काफी विस्तृत है और यह सिंडिकेट पिछले कुछ महीनों से मुंबई में ड्रग्स की निरंतर सप्लाई कर रहा था। International Drugs Syndicate
International Drugs Syndicate : नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ मुंबई पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए करीब 2.81 करोड़ रुपये की चरस जब्त की है और इस गिरोह से जुड़े चार प्रमुख तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस की वर्ली यूनिट ने अत्यंत गोपनीय तरीके से अंजाम दी, जिसमें नेपाल से भारत तक फैले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
नेपाल का तार, बिहार का जरिया और मुंबई का ठिकाना
पुलिस विभाग के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को पकड़ने के लिए कई स्तरों पर छापेमारी की गई। कुल मिलाकर 2.81 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस बरामद हुई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो नेपाली नागरिक—दीपक लामा (31) और सुंदर रुम्बा (28)—शामिल हैं। वहीं, मुंबई के स्थानीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने विले पार्ले वेस्ट निवासी आबिद और उसकी पत्नी को भी हिरासत में लिया है।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नशे की यह खेप नेपाल से भारत की सीमा पार करके लाई जाती थी। तस्करी का यह 'खतरनाक रूट' नेपाल से शुरू होकर बिहार के ट्रांजिट पॉइंट से होते हुए मुंबई तक पहुंचता था। आरोपी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे और ट्रेन के जरिए चरस को बिहार से सीधे मुंबई लाते थे।
फिल्मी अंदाज में हुई सिलसिलेवार कार्रवाई
पुलिस का यह ऑपरेशन किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था, जिसे कई चरणों में अंजाम दिया गया:
- पहली कार्रवाई: शुरुआती छापेमारी में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 1.715 किलोग्राम चरस और नकदी बरामद हुई।
- दूसरी कार्रवाई (26 फरवरी): गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर लोअर लिंक इलाके से एक स्थानीय पेडलर को दबोचा गया, जिसके पास से 1.103 किलोग्राम चरस मिली।
- तीसरी कार्रवाई (27 फरवरी): सिंडिकेट के वित्तीय ढांचे को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया, जो पूरे गैंग का आर्थिक लेनदेन और हिसाब-किताब संभाल रही थी।
आगे की कार्रवाई और पुलिस का बयान
पुलिस की पूछताछ में नेपाल के मुख्य सप्लायरों और मुंबई में फैले अन्य स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटरों के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह नेटवर्क काफी विस्तृत है और यह सिंडिकेट पिछले कुछ महीनों से मुंबई में ड्रग्स की निरंतर सप्लाई कर रहा था। International Drugs Syndicate












