आम आदमी को राहत : जीएसटी कटौती से सस्ता होगा जरूरी सामान
भारत
RP Raghuvanshi
26 Aug 2025 04:39 PM
भारत
RP Raghuvanshi
26 Aug 2025 04:39 PM
GST Slab : सरकार 22 सितंबर से नया जीएसटी स्लैब लागू करने की तैयारी में है। यह तारीख नवरात्रि (22 सितंबर से 2 अक्टूबर) के त्यौहारों के साथ मेल खाती है, जिससे त्योहारी खरीदारी के समय आम लोगों को खास फायदा मिलने की उम्मीद है। जीएसटी लागू हुए अब आठ साल हो गए हैं, लेकिन टैक्स स्लैब और जटिलताएं अभी भी आम आदमी और कारोबारियों दोनों के लिए उलझन का कारण बनती रही हैं। 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया था कि जीएसटी के मौजूदा चार स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% को घटाकर सिर्फ दो स्लैब किया जाएगा, 5% और 18%।
इस बदलाव से क्या होगा
* रोजमर्रा की जरूरी चीजें सस्ती होंगी।
* कारोबारियों के लिए टैक्स सिस्टम आसान होगा।
* टैक्स की जटिलताएं कम होंगी, जिससे व्यापार में सुविधा बढ़ेगी।
जरूरी सामान पर सस्ता टैक्स
खाद्य पदार्थ और कपड़े जैसे रोजमर्रा के सामान पर अलग-अलग टैक्स लगने से दुकानदार और ग्राहक दोनों परेशान रहते हैं। अब काउंसिल इन्हें एकसमान 5% स्लैब में लाने पर विचार कर रही है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि ग्राहकों को सामान सस्ता मिलेगा।
व्यापारियों को टैक्स नियम समझने में आसानी होगी।
निर्माण सामग्री पर बड़ा बदलाव
सीमेंट, जो घर और सड़कों के निर्माण के लिए जरूरी है, अभी 28% टैक्स के दायरे में है। सरकार इसे घटाकर 18% करने पर विचार कर रही है। इससे निर्माण सामग्री की कीमतें कम होंगी। घर बनाने और मरम्मत कराने वाले लोगों की जेब पर असर कम होगा। टैक्स कटौती सीधे कंज्यूमर्स तक पहुंचे, मैन्युफैक्चरर्स के मुनाफे तक सीमित न रहे।
सेवाओं पर भी राहत
कुछ सेवाओं पर टैक्स घटाने की योजना भी है, जैसे सैलून और ब्यूटी पार्लर 18% से घटाकर 5%। व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा टैक्स समाप्त। इससे ये सेवाएं आम लोगों के लिए सस्ती होंगी और लोग इन्हें ज्यादा इस्तेमाल कर पाएंगे। बीमा पर टैक्स खत्म होने से लोग अधिक सुरक्षा कवच लेने के लिए प्रेरित होंगे।
टैक्स स्लैब को सरल बनाने का मकसद
अभी जीएसटी के तहत चार स्लैब हैं, जो अक्सर उलझन पैदा करते हैं। नया प्लान इसे सिर्फ दो स्लैब 5% और 18% में बदलने पर केंद्रित है। 5% स्लैब में रोजमर्रा का जरूरी सामान और सेवाएं होंगी। 18% स्लैब में थोड़ी महंगी वस्तुएं और सेवाएं होंगी। 40% स्लैब में अत्यंत विलासिता वाली चीजें जैसे शराब, सिगरेट, लक्जरी कारें होेंगी। केंद्र सरकार चाहती है कि टैक्स सिस्टम सरल और समझने में आसान रहे।
आम आदमी को मिलने वाली राहत
खाने-पीने की चीजें और कपड़े अब सस्ते होंगे। घर बनाने का सामान जैसे सीमेंट की कीमत कम होगी। सैलून और ब्यूटी सेवाएं अब किफायती होंगी। जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स खत्म होने से लोग बीमा लेना अधिक पसंद करेंगे, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य साफ है कि नवरात्रि से लागू होने वाला नया स्लैब आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जरूरतों पर सीधा असर डाले, साथ ही व्यापारियों के लिए सिस्टम आसान बने।