अकेले पूरे गांव का कर्ज चुका डाला, 300 किसानों को बनाया 'कर्जमुक्त
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:58 AM
गुजरात के अमरेली जिले के सावरकुंडला तालुका स्थित जीरा गांव में आज खुशियों की लहर दौड़ गई। गांव की सेवा सहकारी मंडली के 300 किसानों के सिर से 30 साल पुराना कर्ज उतर गया, और यह संभव हुआ एक ही व्यक्ति की दरियादिली से। गांव के मूल निवासी और सूरत के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी बाबूभाई चोडवाडिया, जिन्हें लोग प्यार से जीरावाला कहते हैं, ने अपनी मां की पुण्यतिथि के अवसर पर यह अनूठा कदम उठाया। उन्होंने गांव की सहकारी संस्था के सभी किसानों का बकाया कर्ज अपनी निजी संपत्ति से चुका दिया, जिससे सैकड़ों परिवारों को आर्थिक और मानसिक राहत मिली। Gujarat News :
30 साल पुरानी पीड़ा का अंत
1995 से गांव की सेवा सहकारी मंडली पर किसानों का कर्ज बढ़ता जा रहा था। बढ़ते ब्याज और फसल घाटे के कारण कई किसान लगातार तनाव में जी रहे थे। बाबूभाई ने जब गांव के किसानों की यह स्थिति जानी, तो उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के मंडली से सम्पर्क कर पूरा बकाया खुद अदा कर दिया। उनके इस कदम ने न केवल गांव को कर्जमुक्त बनाया, बल्कि पूरे इलाके में उम्मीद और मानवीय संवेदना की मिसाल कायम कर दी।
बाबूभाई बोले- मां की आखिरी इच्छा थी किसानों की मदद करना
कार्यक्रम में बोलते हुए बाबूभाई चोडवाडिया ने कहा कि मेरी मां हमेशा कहती थीं कि किसी गरीब या किसान की मदद करने से बड़ा कोई पुण्य नहीं। आज मैंने उनकी वही इच्छा पूरी की है। ये पट्टिका सिर्फ पत्थर नहीं, किसानों के दिलों में दर्ज होगी। उन्होंने अन्य संपन्न लोगों से भी अपील की कि वे समाज में जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं।
गांव में खुशी की लहर
कर्जमुक्ति कार्यक्रम में अमरेली के सांसद भरत सुतारिया और विधायक महेश कसवाला समेत कई गणमान्य व्यक्ति और बैंक अधिकारी मौजूद रहे। गांव के किसानों ने भावुक होकर बाबूभाई का स्वागत किया और कहा कि उन्होंने भगवान का रूप लेकर गांव में नई जान फूंक दी है। अब जीरा गांव न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन गया है। जहां एक व्यक्ति की निस्वार्थ भावना ने सैकड़ों परिवारों को राहत दी और समाज को याद दिलाया कि इंसानियत अब भी जिंदा है।