Gujrat Political News : शिक्षा से ही देश की गरीबी को दूर करना संभव: अरविंद केजरीवाल
Arvind Kejriwal in Gujrat
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 02:57 PM
Gujrat Political News : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वडोदरा में अभिभावक तथा शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षा पर संवाद करते हुए कहा कि कितना अद्भुत नजारा है कि दो महीने बाद गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और एक पॉलिटिकल पार्टी लोगों के साथ बैठकर चर्चा कर रही है कि हम स्कूल कैसे सुधारेंगे, शिक्षा कैसे सुधारेंगे। मैं समझता हूं कि आजाद भारत के 75 साल में आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ होगा कि चुनाव के पहले कोई पॉलिटिकल पार्टी आकर जनता के साथ चर्चा करें कि स्कूल कैसे सुधारेंगे, बच्चों का भविष्य कैसे बनाएंगे। अभी तो मौका है एक दूसरे को बुरा भला कहने का। हम लोग इन सारी चीजों से अलग हैं, हमें राजनीति करनी नहीं आती। मैं बार-बार यह बोलता हूं कि गाली गलौज उनके जिम्मे है, राजनीति उनके जिम्मे है, मुझे स्कूल बनवाने आते हैं, स्कूल बनाने हैं तो मुझे बुला लो, मैं आपके बच्चों को रोजगार दे सकता हूं, रोजगार चाहिए तो मुझे बुला लो, राजनीति और गुंडागर्दी चाहिए तो उन लोगों को बुला लो।
उन्होंने कहा कि इस देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसानों के साथ संवाद हो रहा है, व्यापारियों के साथ संवाद हो रहा है, पेरेंट्स के साथ संवाद हो रहा है। गुजरात के अंदर शिक्षा पर बड़ौदा में पहला संवाद हो रहा है, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि जब हमने संवाद का ऐलान किया तो पिछले चार-पांच दिनों में 13 जगह हम लोगों ने बुकिंग करने की कोशिश की, हर जगह के मालिकों को इन लोगों ने धमका दिया कि खबरदार अगर केजरीवाल को कोई कार्यक्रम करने दिया तो। चौदहवीं जगह हमें यह बुकिंग मिली है। इसके लिए मैं इनके मालिक नवनीत काका का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। नवनीत काका जैसे लोगों ने हमें हॉल दिया और उन 13 हॉल के मालिकों ने हमें आशीर्वाद दिया। ये लोग सोचते हैं कि यह देश इतना कमजोर है कि धमका देंगे तो यहां शिक्षा पर संवाद नहीं होगा। शिक्षा पर संवाद भी होगा, गुजरात के सरकारी स्कूल भी ठीक होंगे, प्राइवेट स्कूल भी ठीक होंगे, बच्चों का भविष्य भी बनेगा यह रोक सको तो रोक लो।
Gujrat Political News :
पिछले सात-आठ साल में दिल्ली में हमने बहुत काम किया है। लेकिन अगर कोई मुझे पूछे तो एक काम जिसमें सबसे ज्यादा मुझे संतुष्टि मिलती है वह है कि मैंने बच्चों की स्कूल ठीक कर दिए हैं। सबसे बड़ा पुण्य का काम हमने यह किया कि बच्चों के स्कूल ठीक कर दिए, बच्चों का भविष्य बना दिया। दिल्ली में जब हमारी सरकार बनी तब वहां भी यही हालत थी, जो आज गुजरात के अंदर है। दो तरह की व्यवस्था थी, एक गरीबों के लिए एक अमीरों के लिए। जिसके पास थोड़ा सा पैसा होता था वह और कई लोग तो अपना पेट काटकर एक टाइम की रोटी खाकर अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते थे। यह सोचकर की प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई कर लेगा तो बड़ा होकर कुछ बन जाएगा। सरकारी स्कूलों की इतनी खराब हालत थी कि बच्चे फेल होते थे, पढ़ाई होती नहीं थी, टीचर आते नहीं थे, गरीब आदमी मजबूरी में अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजता था और फिर जब पढ़ाई नहीं होती थी तो वह सोचता था कि स्कूल से निकाल लेता हूं, थोड़ा सा दुकान में मेरे साथ काम कर लेगा तो पैसे कमाएगा।
प्राइवेट स्कूल में जाने वाले भी खुश नहीं थे। जब मर्जी तब फीस बढ़ाई जाती थी, कई प्राइवेट स्कूल वालों ने तो लूट मचा कर रखी थी। लाइब्रेरी फीस, पिकनिक फीस, डेवलपमेंट फीस यह सब करके बहुत बार फीस बढ़ाई जाती थी। कई लोगों ने प्राइवेट स्कूल से भी नाम कटा दिए थे, क्योंकि वह पैसे नहीं दे सकते थे। जब हमने दिल्ली में सरकार संभाली, तब यह हालत थी और आज गुजरात में भी यही हालत है। आज सात साल के बाद दिल्ली में सारे सरकारी स्कूलों को हमने शानदार बना दिया है। दिल्ली में एमसीडी के जो स्कूल हैं, वह बीजेपी के पास हैं, उनकी हालत बहुत खराब है। एमसीडी के चुनाव होने वाले हैं, अब दिल्ली की जनता हमें वोट देगी, हम एमसीडी के प्राइमरी स्कूल भी सुधारेंगे।
Gujrat Political News :
दिल्ली सरकार के जितने स्कूल हैं, वे सारे शानदार हो गए हैं। यदि स्कूलों के बारे में मैं खुद ही यह सब कहूंगा तो आप कहोगे कि केजरीवाल बड़ाई कर रहा है। लेकिन, दिल्ली में 4,00,000 बच्चों ने अपने नाम प्राइवेट स्कूल से कटवा कर सरकारी स्कूल में भर्ती कराया है। मैं क्लास में गया, मैंने बच्चों से पूछा आप में से कौन-कौन बच्चा प्राइवेट स्कूल से नाम कटवा कर आया है? सात आठ बच्चों ने हाथ खड़े किए। मैंने एक बच्चे से पूछा कि आप कौन से प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे? उस बच्चे ने बताया सेंट कोलंबस। सेंट कोलंबस दिल्ली का सबसे बड़ा प्राइवेट स्कूल है। सेंट कोलंबस में एडमिशन कराने के लिए दिल्ली में लाइन लगी पड़ी है। सेंट कोलंबस स्कूल का एक बच्चा नाम कटवा कर दिल्ली के सरकारी स्कूल में एडमिशन ले रहा है, इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है।
हमारे सरकारी स्कूल के 12वीं क्लास के 1100 बच्चों ने नीट और आईआईटी के पेपर पास किए हैं। मैं आईआईटी से हूं, जब मैं हिसार से आईआईटी से इंजीनियर बना था, तब पूरे हिसार जिले में मेरे अकेले का आईआईटी में एडमिशन हुआ था। आज मेरे दिल्ली के एक एक सरकारी स्कूल से चार चार बच्चों के एडमिशन आईआईटी में हो रहे हैं। आईआईटी से पढ़कर मुझे मालूम हुआ कि वहां मेरे देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है, मैं शुक्रगुजार हूं इस चीज का कि आज मैं जो कुछ हूं, वह मेरे भारत देश की वजह से हूं। तभी मैंने कसम खाई थी कि जितनी अच्छी शिक्षा मुझे मिली है, मैं कोशिश करूंगा कि ऐसी शिक्षा में देश के हर गरीब बच्चों को दिला सकूं। आज मुझे खुशी है कि दिल्ली के एक एक बच्चे को मैंने वैसी शिक्षा मुहैया करा दी है।
आज दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड का बच्चा, जो सिक्योरिटी गार्ड महीने 10 हजार रुपये कमाता है, वह आईआईटी में जा रहा है। ऑल इंडिया जेईई के पेपर में उसकी रैंक 569 आई है। आज दिल्ली में गरीब के बच्चे को, मजदूर के बच्चे को, रिक्शा वाले के बच्चे को, सिक्योरिटी गार्ड के बच्चे को, प्लंबर के बच्चे को, कारपेंटर के बच्चे को मेरे जैसी मुझे मिली थी, वैसी शानदार शिक्षा मिल रही है। अब आप सोच कर देखिए, जो सिक्योरिटी गार्ड महीने 10 हजार रुपये कमाता है और उसका बच्चा आईआईटी में जाएगा और जब वह आईआईटी से इंजीनियर बनकर निकलेगा, तब उसकी शुरुआत की तनख्वाह दो-तीन लाख रुपये महीना होगी। इस तरह उसके एक परिवार की गरीबी दूर हो जाएगी। अगर हम अपने देश के सारे बच्चे को ऐसा पढ़ा दे तो सारे देश की गरीबी दूर हो जाएगी, सारा देश अमीर हो जाएगा।
दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों ने लूटमार मचा रखी थी। हमने आते ही सारे प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट करवा दिया। देश के बड़े-बड़े स्कूल के बारे में पता चला कि उन्होंने 50 हजार करोड़ रुपये का बैंक में एफडी करवा रखा था। आपकी फीस बढ़ाकर आप को लूट रहे हैं और आपकी फीस से बैंक में एफडी करा कर रखी थी। यह एक बहुत बड़ा गुनाह है, जो भी स्कूल होते हैं, वह चौरिटेबल ट्रस्ट होते हैं। वह पैसा इकट्ठा नहीं कर सकते। पैसा इकट्ठा करना गुनाह होता है। उनके सारे स्कूलों की एफडी तुड़वाई और सारी पुरानी फीस रिफंड करवाई। पिछले चार-पांच सालों में उन्होंने जितनी फीस ली थी, वह सारे पैसे हमने पेरेंट्स को वापस दिलवाए। ऐसा भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ कि आपके बैंक में स्कूल से पैसे वापस आए हों। उसके बाद आर्डर जारी कर दिया कि सरकार की मंजूरी के बिना कोई भी फीस नहीं बढ़ा सकता। यदि आप फीस बढ़ाना चाहते हैं तो आपको सरकार को बताना पड़ेगा कि आप क्यों फीस बढ़ाना चाहते हैं। दिल्ली में 7 साल से अब किसी ने फीस नहीं बढ़ाई, गुजरात के अंदर भी यही करेंगे। अभी संवाद में सवाल आया था कि हैंडीकैप बच्चों के लिए कोई सुविधा नहीं है, उनके लिए हम अलग से क्लासेस बनाएंगे। जो भी सुविधाएं देने की आवश्यकता है उसके लिए आप जैसे लोगों से मदद लेंगे। अकेले केजरीवाल, गोपाल इटालिया, इसुदान गढवी या मनोज सोरठिया कुछ नहीं कर सकते, गुजरात की साढ़े छह करोड़ जनता के साथ मिलकर सबसे अच्छी शिक्षा व्यवस्था बनाएंगे।
एक बात यह है कि एनसीईआरटी की बुक्स काफी पुरानी है, लेकिन मेरा मानना है कि सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि शिक्षा का पूरा सिस्टम गड़बड़ है। यह शिक्षा का सिस्टम अंग्रेजों ने बनाया था, 1830 के दशक मैं यह सिस्टम बनाया गया था। अंग्रेजों ने यह सिस्टम इसलिए बनाया था, क्योंकि की उनकी शिक्षा व्यवस्था से क्लर्क पैदा हों, जो अंग्रेजों की सेवा करेंगे। मैं हमारे देश के सभी स्वतंत्रता सेनानियों का पूरा सम्मान करता हूं। 1947 में जब हमारा देश आजाद हुआ, तब हमें अंग्रेजों की पूरी शिक्षा व्यवस्था को खत्म करके आजाद भारत के लिए एक नया सिस्टम बनाना चाहिए था। दिल्ली के अंदर हम इस पर काम कर रहे हैं। आज हमारे देश में एक बच्चा अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करके नौकरी ढूंढता है। हमें एक ऐसा सिस्टम बनाना है जिससे नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी पैदा करने वाले बच्चे तैयार हो।
अभी किसी ने कहा कि सरकारी स्कूलों की हालत काफी खराब है। सरकार 30 हजार करोड़ रुपये शिक्षा के पीछे खर्च करती है, लेकिन यह पैसा कहां जाता है, यह सब जानते हैं। मेरी आपसे इतनी ही अपील है कि आप लोग गुजरात में एक ईमानदार सरकार लेकर आइए तो यह सारा पैसा आप लोगों के बच्चों पर खर्च होगा। कभी किसी ने कहा कि स्कूल की फीस काफी ज्यादा है। हमारी सरकार बनते ही हम फीस को कंट्रोल करेंगे, दिल्ली में हमने यह किया है। गुजरात में भी किसी को भी नाजायज तरीके से फीस नहीं बढ़ाने देंगे।
अभी किसी ने सवाल किया कि हमारे देश के बच्चे विदेशों में पढ़ने क्यों जाते हैं? यह बिल्कुल सही सवाल है। भारत को आजाद हुए 75 साल हो गए हैं, 75 साल कम नहीं होते। हमारे देश में दुनिया के बेस्ट डॉक्टर और इंजीनियर हैं, फिर भी हमारा देश पीछे रह गया और आज हमारे देश के बच्चे मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन जा रहे हैं। हमारा देश वह देश है, जिसकी नालंदा यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के लिए पूरी दुनिया से लोग आते थे। आज हमारे देश के बच्चे बाहर जा रहे हैं। हमें ऐसा देश तैयार करना है कि पूरी दुनिया के बच्चे हमारे देश में पढ़ने के लिए आए।
दिल्ली में यह लोग मुझ पर आरोप लगाते हैं कि, केजरीवाल सब फ्री फ्री करता है। यह सब फ्री मैं जनता के भले के लिए करता हूं, मैं कोई पैसा अपने घर थोड़ी ना ले जाता हूं। दिल्ली में हमने योगा की क्लासेस फ्री कर दिए। दिल्ली के हर पार्क में योगा क्लासेस होते हैं, वह भी एक दम फ्री में। हमने दिल्ली में ढेर सारे योगा टीचर्स तैयार किए हैं। दिल्ली में कोई भी व्यक्ति मुफ्त में योगा सीख सकता है। मुझे यह बताएं कि फ्री में योगा कराना कौन सी गलत बात है। गुजरात में भी हम इसी तरीके से योगा को बढ़ावा देंगे। अभी एक महिला ने कहा कि उनकी तनख्वाह कम है और वह कूड़ा इकट्ठा करने वाले के बच्चों को पढ़ाते हैं। मैं आप गारंटी देता हूं कि, आपको और उन बच्चों को भी शानदार सरकारी स्कूलों में लाया जाएगा और बेहतर सुविधाओं के साथ श्रेष्ठ शिक्षा दी जाएगी।
अब तक मैंने कोई राजनीति की बात नहीं की। अब तक मैंने सिर्फ गुजरात और देश के बच्चों की भविष्य की बात की है तो मैंने कौन सी गलत बात की, लेकिन ये सारे लोग मेरे पीछे पड़े हुए हैं। कल कोई कह रहा था कि केजरीवाल झूठा है। यह सारी पार्टी वाले लोग मेरे खिलाफ हो गए हैं। मैं कहता हूं कि मैं देश के बच्चों का, आप सब के बच्चों के लिए अच्छे स्कूल बना दूंगा लेकिन यह लोग कहते हैं कि, केजरीवाल ऐसा है केजरीवाल वैसा है। इन्होंने 70 साल से यही राजनीति की है कि जनता को अनपढ़ रखो, जनता को गरीब रखो ताकि जनता इनकी वोट बैंक बनी रहे। हम सबको मिलकर इस को खत्म करना है। मुझे वोट बैंक नहीं चाहिए, मुझे शिक्षित भारत चाहिए, मुझे समृद्ध भारत चाहिए, मुझे शक्तिशाली भारत चाहिए, उसके लिए ही मैं काम कर रहा हूं।
मैं गुजरात की जनता को यही कहना चाहूंगा कि अगर आम आदमी पार्टी को सत्ता में लाओगे तो आपके बच्चों का भविष्य बेहतर बनेगा। हम आपके बच्चों के लिए अच्छे स्कूल बनाएंगे उन लोगों को वोट दोगे तो गुंडागर्दी चलती रहेगी, गंदी राजनीति चलती रहेगी और भ्रष्टाचार चलता रहेगा। हम लोग आप लोग हैं। आज से 10 साल पहले कोई नहीं जानता था कि केजरीवाल कौन है। आम से जिंदगी जी रहा था, लेकिन सिस्टम में सब गड़बड़ था। मेरा मानना है कि अगर हम अच्छे लोग राजनीति में नहीं आएंगे तो राजनीति साफ कैसे होगी। अन्ना जी ने मुझे कहा कि राजनीति कीचड़ है, लेकिन तब मैंने कहा था कि अन्ना जी कीचड़ में हमें खुद उतरना पड़ेगा और खुद ही झाड़ू से इसकी सफाई करनी पड़ेगी। ये लोग सीबीआई और ईडी के माध्यम से हमें पूछते हैं कि आपका पैसा कहां है, लेकिन मैं यही कहता हूं कि हमारा पैसा नवनीत काका है जब तक हमारे देश में नवनीत काका जैसे लोग रहेंगे तब तक इस देश में से ईमानदारी को कोई हटा नहीं सकता।
इस कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के नेशनल ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी इसुदान गढ़वी और गुजरात प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया और गुजरात प्रदेश महामंत्री मनोज सोरठिया मौजूद थे।