
Gujrat-Himachal Assembly elections: गुजरात और हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद इन दोनों राज्यों में किस दल की सरकार बनेगी, इसका फैसला होने में केवल एक रात का समय ही बाकी बचा है। चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों के लिए यही एक रात अंतिम और भारी होगी। गुरुवार की सुबह होने के बाद दोनों राज्यों में वोटों की गिनती शुरु हो जाएगी और पता चल जाएगा कि चुनावी रण में कौन विजय हो रहा है।
गुजरात में एक और पांच दिसंबर को दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव की मतगणना में कुछ घंटों का समय बचा है और सत्तारूढ़ भाजपा राज्य में लगातार सातवीं जीत को लेकर उत्साहित है।
यहां भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि परिणाम यह निर्धारित करेगा कि गुजरात में मुख्य विपक्षी दल के तौर पर कौन काबिज होगा।
एग्जिट पोल के पूर्वानुमानों में गुजरात में भाजपा के लिए बड़े बहुमत की भविष्यवाणी की गई है और अगर ये सच होते हैं तो पार्टी लगातार सातवीं बार राज्य में सत्ता बरकरार रखने और पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे के कारनामे के बराबर उपलब्धि हासिल करती नजर आएगी।
दिल्ली नगर निकाय चुनाव में जीत से उत्साहित आप को उम्मीद है कि उसकी कल्याणकारी राजनीति को गुजरात के लोग स्वीकार करेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार इसुदान गढ़वी, युवा नेता हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवाणी और अल्पेश ठाकोर समेत कुल 1,621 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला बृहस्पतिवार को होगा।
उधर, हिमाचल प्रदेश में भी गुरुवार की सुबह आठ बजे से मतों की गणना का कार्य शुरु हो जाएगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 10,000 सुरक्षाकर्मियों, निर्वाचन अधिकारियों और अन्य सहायक कर्मचारियों की निगरानी में बृहस्पतिवार को मतगणना की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनीष गर्ग ने बताया कि पूरे राज्य में 59 स्थानों पर बने 68 केंद्रों में मतगणना सुबह आठ बजे शुरू होगी। मतगणना सुबह आठ बजे डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) से शुरू होगी और उसके बाद साढ़े आठ बजे ईवीएम से गिनती की जाएगी।
गर्ग ने कहा कि जगह की उपलब्धता के आधार पर मतगणना केंद्र में अधिकतम 14 मतगणना मेजें और कम से कम आठ मतगणना मेजें रखी जाएंगी, जिसमें लगभग 500 डाक मतपत्रों को समायोजित करने के लिए एक अलग मेज होगी। मतगणना के लिए कंप्यूटर से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्रों की स्कैनिंग के लिए अलग मेज भी होंगी।
राज्य में 12 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में करीब 76.44 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। राज्यभर से निर्वाचन अधिकारियों को छह दिसंबर तक कम से कम 52,859 (लगभग 87 प्रतिशत) डाक मतपत्र प्राप्त हुए, जो 2017 की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। 2017 में कुल 45,126 डाक मतपत्र प्राप्त हुए थे।