Gujrat Political News : प्रधानमंत्री ने रोड-शो कर आचार संहिता का उल्लंघन किया, चुनाव आयोग डरा हुआ है : कांग्रेस
The Prime Minister violated the code of conduct by doing a roadshow, the Election Commission is scared: Congress
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 04:58 AM
Gujrat Political News : नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को गुजरात विधानसभा चुनाव में मतदान के समय रोड—शो किया, जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। पार्टी के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग चुप है, क्योंकि वह डरा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि आचार संहिता के उल्लंघन के ऐसे मामलों को लेकर कांग्रेस कानूनी कदम उठाने को लेकर चर्चा कर रही है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सोमवार को अहमदाबाद के एक मतदान केंद्र में अपना वोट डाला और कहा कि राज्य के लोग सुनते सबकी हैं, लेकिन जो सच है उसे स्वीकार करना उनका स्वभाव है।
कांग्रेस नेता खेड़ा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि किसी भी व्यक्ति की वोट की कीमत उतनी ही होती है, जितनी प्रधानमंत्री के वोट की होती है। प्रधानमंत्री वोट करने के लिए निकलते हैं तो ढाई घंटे का रोडशो करते हैं। चुनाव आयोग की क्या मजबूरियां हैं कि उसे कुछ सुनाई और दिखाई नहीं देता।
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उन्होंने दावा किया कि बड़ा अफसोस होता है कि चुनाव आयोग आंख मूंदकर बैठा हुआ है। यह आचार संहिता का उल्लंघन का मामला है। ऐसा लगातार किया जा रहा है। हमें उम्मीद थी कि चुनाव आयोग कोई संज्ञान लेगा। लेकिन चुनाव आयोग डरा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे विधायक कांतिभाई खराड़ी लिखकर देते हैं कि उन्हें सुरक्षा चाहिए। रविवार रात में उन पर हमला होता है और वह किसी तरह बचते हैं। चुनाव आयोग चुप रहता है। चुनाव में प्रधानमंत्री द्वारा बच्चों के इस्तेमाल को लेकर हमने चुनाव आयोग का रुख किया, लेकिन चुनाव आयोग चुप रहा। क्या चुनाव आयोग की तरफ से भाजपा को नोटिस गया?
खेड़ा ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र की दिनदहाड़े हत्या हो रही है और इसमें प्रधानमंत्री शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की चुप्पी को माफ नहीं किया जा सकता। एक सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता ने कहा कि रोडशो वाले मामले पर हम चर्चा कर रहे हैं। हम इसे बड़े स्तर पर उठाएंगे। हम देखेंगे कि क्या कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। खेड़ा ने कहा कि अगर इस तरह के चुनाव प्रचार का सीधा प्रसारण चैनलों पर होता है तो इसका खर्च संबंधित पार्टी के खाते में जोड़ा जाना चाहिए।