
Gyanvapi Masjid Case Update: ज्ञानवापी मस्जिद के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दोपहर 3 बजे सुनवाई शुरू हुई। इससे पहले, गुरुवार को हिंदू पक्ष ने 278 पन्नों का हलफनामा सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल किया था। ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान तीन बड़ी बातें कहीं। सर्वोच्च न्यायालय ने वाराणसी जिला जज को केस ट्रांसफर कर दिया है। वहीं, कोर्ट ने कहा, कि वजू की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, शिवलिंग का हिस्सा सील रहेगा।
वहीं, दूसरी तरफ ज्ञानवापी मस्जिद में आज, शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़ी गई। जिसे लेकर वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। दरअसल, मस्जिद के पास काफी भीड़ बढ़ गई थी। इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी ज्ञानवापी से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई। अदालत अब इस मामले पर 6 जुलाई को सुनवाई करेगा।
ज्ञानवापी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 3 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। शाम 4 बजे तक कोर्ट सुनवाई करेगी। ज्ञानवापी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 3 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। शाम 4 बजे तक कोर्ट सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीन सुझाव दिए। साथ ही, जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, 'जिला अदालत को भी सुनना चाहिए। जिला जज को हम निर्देश नहीं दे सकते। जिला जज अनुभवी न्यायिक अधिकारी होते हैं। जस्टिस चंद्रचूड़ बोले, जिला जज अपने हिसाब से सुनवाई करें।'
सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने भी अपनी बात रखी। मुस्लिम पक्ष के वकील ने पूछा, 'ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे की रिपोर्ट कैसे लीक हुई? साथ ही आरोप लगाया कि, जानबूझकर रिपोर्ट लीक की गई।'
सुप्रीम कोर्ट ने अपने सुझाव में कहा है, कि अगर हमारे अंतरिम आदेश को जारी रखा जाता है और जिला जज को मामले की सुनवाई की अनुमति दी जाती है, तो यह सभी पक्षों के हितों की रक्षा करेगा। इस पर हिन्दू पक्ष के वकील वैद्यनाथन ने कहा, मुस्लिम पक्ष की दलील का कोई मतलब नहीं है। आयोग की रिपोर्ट पर न्यायालय विचार करे तो उचित होगा।
जिस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, 'इसलिए हम सोच रहे थे कि जिला जज मामले की सुनवाई कर सकते हैं। वे जिला न्यायपालिका में सीनियर जज हैं। वो जानते हैं कि आयोग की रिपोर्ट जैसे मुद्दों को कैसे संभालना है। हम यह निर्देश नहीं देना चाहते कि उन्हें क्या करना चाहिए।'
वहीं, ज्ञानवापी विवाद से जुड़े मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस प्रकाश पाडिया की एकल बेंच ने मामले की सुनवाई की। मामले की अगली सुनवाई अब 6 जुलाई को होगी। आज सबसे पहले हिंदू पक्ष की बची हुई बहस पूरी की। स्वयंभू भगवान विश्वेश्वर पक्षकार की तरफ से उनके वाद विजय शंकर रस्तोगी ने बहस की। हिंदू पक्ष की बहस पूरी होने के बाद यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता पुनीत गुप्ता ने बहस की।
>> Noida news : चोरी की बाइक पर जा रहे बदमाश मुठभेड़ में हुए घायलअगली सुनवाई पर मुस्लिम पक्षकार बहस जारी रखेंगे। समय बचा तो आज यूपी सरकार भी अपना पक्ष रखेगी। दरअसल, हाईकोर्ट को मुख्य रूप से यही तय करना है, कि वाराणसी की अदालत में 31 साल पहले 1991 में दाखिल मुकदमे की सुनवाई हो सकती है या नहीं। साथ ही, एएसआई से खुदाई कराकर सर्वेक्षण कराए जाने सहित अन्य मुद्दों पर भी बहस होगी।
इसी के साथ हिन्दू पक्ष का सर्वे के आधार पर दावा है कि विवादित स्थल मस्जिद नहीं बल्कि मंदिर है। आपको बता दें कि सर्वेक्षण टीम ने अपना सर्वे पूरा कर लिया है और सर्वे रिपोर्ट वाराणसी न्यायालय को सौंप दी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील के अस्वस्थ्य होने के चलते सुनवाई टालते हुए वाराणसी न्यायालय ने भी अब अपना सुनवाई के लिए अगली तारीख 23 मई सुनिश्चित की है।
आपको बता दें कि मस्जिद के वजूखाने में सर्वे के दौरान वहां से एक आकार बरमाद हुआ था जिसे हिन्दू पक्ष और उनके वकील द्वारा शिवलिंग बताया जा रहा है वहीं दूसरी ओर मुस्लिम और मस्जिद पक्ष के लोगों ने इस दावे को बेबुनियाद बताते हुए उस आकार को एक फाउंटेन बताया है। हालांकि, न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए विवादित जगह यानी वजूखाना को नौ तालों में बंद कर पूरी तरह सील कर दिया है और मामले में अग्रिम कार्यवाही तक इसे नहीं खोला जाएगा।