Saturday, 13 July 2024

आलसी लोगों के लिए आया खुश करने वाला सर्वे, रोज नहाना जरूरी नहीं

कुछ लोग इतने आलसी होते हैं कि उन्हें नहाने जैसे जरूरी काम में भी आलस्य आता है। कोई न कोई…

आलसी लोगों के लिए आया खुश करने वाला सर्वे, रोज नहाना जरूरी नहीं

कुछ लोग इतने आलसी होते हैं कि उन्हें नहाने जैसे जरूरी काम में भी आलस्य आता है। कोई न कोई बहाना बनाकर आलसी लोग नहाने से बचते हैं। अब दुनिया के तमाम आलसी लोगों के लिए एक नया सर्वे सामने आया है। सर्वे में साफ-साफ कहा गया है कि रोज-रोज नहाना जरूरी नहीं है। आप रोज नहाते भी हैं तो भी रोज-रोज साबुन तथा शैम्पू लगाने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। यदि आप भी आलस्य के कारण रोज-रोज नहीं नहाते हैं तो इस सर्वे को पढक़र आपके तो मजे आ जाएंगे। सर्वे का दावा है कि रोज-रोज नहाना जरूरी नहीं है।

Lazy To Take A Shower?

सर्वे में अनेक खुलासे

नहाने को लेकर अमेरिका में एक सर्वे किया गया है। अमेरिका में हुए इस सर्वे में कहा गया है कि सर्वे में भाग लेने वाले साठ फीसदी लोगों ने कहा कि वे रोज कम से कम एक बार जरूर नहाते हैं। यदि आप समझते हैं कि रोज नहाना त्वचा के लिए अच्छा है, तो जान लें कि विश्व के अग्रणी त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत से लोगों को रोज नहाने की जरूरत नहीं होती, बेशक वे इसे न मानना चाहें। सिएटल के त्वचा विशेषज्ञ डॉ जॉयस पार्क कहते हैं, ‘त्वचा और बालों की प्रकृति सबकी अलग-अलग होती है, और यह प्रकृति ही निर्धारित करती है कि किसको कितनी बार नहाने की जरूरत होती है। यह इस पर भी निर्भर है कि आपको कितना पसीना आता है। न्यूयॉर्क की त्वचा विशेषज्ञ डॉ मारिसा गार्शिक कहती हैं कि पसीने का जमाव शरीर के रोमछिद्रों को बंद कर सकता है, इसलिए ज्यादा पसीने की प्रवृत्ति वाले लोगों को रोज नहाना चाहिए। लेकिन कई दूसरे लोगों के लिए कम स्नान करना भी बेहतर हो सकता है।

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साबुन से नुकसान

विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या यह है कि लोग इसके बारे में सोचते नहीं हैं। यदि त्वचा संवेदनशील या रूखी है, तो रोज साबुन और पानी आपकी त्वचा को शुष्क बनाएंगे। खुजली ज्यादा होगी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। डॉ गार्शिक के अनुसार, ऐसे लोगों को स्नान के बजाय शॉवर लेना चाहिए। लोग दरअसल स्नान के कॉन्सेप्ट को ही नहीं समझते हैं। शरीर पर रोज साबुन घिसना नुकसान ही पहुंचा सकता है। विशेष प्रकार के त्वचीय संक्रमण में रोज नहाना जरूरी माना जा सकता है, लेकिन सामान्य रूप से रोज साबुन लगाकर नहाने का कोई मतलब नहीं है। यही शैंपू पर भी लागू होता है। यदि आपकी त्वचा ज्यादा सूखी है, तो आप हफ्ते में एक या दो बार शैंपू कर सकते हैं। रासायनिक शैंपू से रोज बाल धोने से अगर आप समझते हैं कि आप बालों का भला कर रहे हैं, तो आप गलत भी हो सकते हैं। फिर जिस साबुन को आप स्वच्छता की गारंटी समझते हैं, क्या वह वाकई ऐसा करता है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। यह बस मनोविज्ञान है, जिसके शिकार ज्यादातर लोग होते हैं। अगर आप रोज ताजगी का एहसास करना चाहते हैं, तो शॉवर लें, जो ज्यादा गर्म पानी वाला न हो। एक बात और, जब नहा कर निकलें, तो शरीर को तौलिया से रगडऩे की जरूरत नहीं होती। शरीर को थप-थपाकर भी सुखाया जा सकता है।

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