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Unnao Rape Case: बेंच ने कहा कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई राय ज़ाहिर नहीं की है और हाई कोर्ट इस पर फिर से आगे बढ़ सकता है

Unnao Rape Case: उन्नाव रेप केस में बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई (शुक्रवार) को दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सज़ा पर रोक लगा दी गई थी।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने हाई कोर्ट से यह भी कहा कि वह इस मामले में सेंगर की सजा और उम्रकैद के खिलाफ उनकी मुख्य याचिका पर दो महीने के अंदर फेसला करने की कोशिश करे।
बेंच ने कहा कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई राय ज़ाहिर नहीं की है और हाई कोर्ट इस पर फिर से आगे बढ़ सकता है।
सीबीआई ने दी सजा निलंबन को चुनौती
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई मई के पहले हफ़्ते तक के लिए टाल दी थी, जिसमें रेप केस में पूर्व विधायक की उम्रकैद की सजा को निलंबित किए जाने को चुनौती दी गई थी।
पिछले साल 29 दिसंबर को, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सज़ा को निलंबित किया गया था, और कहा था कि उसे हिरासत से रिहा नहीं किया जाएगा।
2017 का मामला
ये मामला 2017 का है। उन्नाव के तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर 17 साल की लड़की ने आरोप लगाया कि नौकरी का झांसा देकर उसको उन्होंने अपने घर बुलाया और दुष्कर्म किया। पुलिस कार्रवाई ना होने से परेशान होकर किशोरी ने 2018 में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था। इसके बाद सेंगर के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ।
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