विनय संकोची
बादाम (Almond)का चाहे जिस रूप में सेवन किया जाए, उसके चिकित्सकीय गुणों का पूरा लाभ व्यक्ति को मिलता ही है। बादाम को संस्कृत में वाताद, वातवैरी आदि, हिंदी, मराठी, गुजराती, बांग्ला में बादाम, फारसी में बदाम शोरी, बदाम तल्ख और अंग्रेजी में आलमंड कहते हैं। संतुलित भोजन के प्रमुख स्रोत बादाम को सबसे सेहतमंद मेवा बताया गया है। बादाम मस्तिष्क और स्नायु प्रणालियों के लिए पोषक तत्व है। यह बौद्धिक ऊर्जा बढ़ाने और दीर्घायु बनाने वाला है।
• यूनानी चिकित्सा में बादाम को खासतौर से बादाम तेल को पूरे परिवार के लिए स्वास्थ्यवर्धक टॉनिक माना जाता है। बादाम में मूल रूप से प्रोटीन (16.5 प्रतिशत) और तेल (41प्रतिशत) होता है। आयुर्वेद में इसको बुद्धि और नसों के लिए गुणकारी बताया गया है। एक आउंस (17 ग्राम) बादाम में 160 कैलोरी होती हैं, इसीलिए यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। लेकिन बहुत अधिक खाने पर मोटापा भी बढ़ा सकता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होता है, इस कारण से बादाम से बना केक या बिस्कुट आदि मधुमेह के रोगियों के रोगी भी ले सकते हैं।
• बादाम का फाइबर पाचन में सहायक होता है और हृदय रोगों से बचने में सहायता करता है। बादाम हार्टअटैक से होने वाली मौत के खतरे को लगभग 30 प्रतिशत तक कम कर देते हैं। एक अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि बादाम के सेवन से रक्त में कोलेस्ट्रॉल कम होता है। बादाम में पाया जाने वाला फाइबर ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में सहायक होते हैं। उच्च कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग और दिल की धमनियों में रुकावट सहित कई प्रकार के रोगों का एक कारक है, इस समस्या के निदान में बादाम मदद कर सकता है।
• बादाम में सोडियम नहीं होने से उच्च रक्तचाप रोगियों के लिए भी यह लाभदायक रहता है। मीठे बादाम तेल के सेवन से मांसपेशियों में दर्द जैसी तकलीफ से तत्काल आराम मिलता है। शुद्ध बादाम तेल तनाव को दूर करता है। दृष्टि पैनी करता है और स्नायु के दर्द में भी राहत दिलाता है। विटामिन- डी से भरपूर बादाम तेल बच्चों की हड्डियों के विकास में भी योगदान करता है। बादाम को शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को बनाए रखने के लिए भी जाना जाता है क्योंकि इसमें जिंक होता है।
• बादाम में विटामिन-बी6 जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो कि मस्तिष्क को बढ़ावा देते हैं। बादाम में पाए जाने वाले ओमेगा-3 और ओमेगा-6 एसिड बौद्धिक स्तर को बढ़ाने में मदद और मैग्नीशियम मस्तिष्क में तंत्रिकाओं को मजबूत करने का काम करता है। स्मरण शक्ति को अच्छा बनाए रखने के लिए बादाम को उपयोगी माना जाता है। बादाम का सेवन अल्जाइमर और अन्य मस्तिष्क संबंधी रोगों को दूर करने में मदद करता है। रोजाना सुबह पांच बादाम भिगोकर खाने से दिमाग तेज होता है।
• माइग्रेन के रोगियों के लिए बादाम बहुत फायदेमंद है। रोजाना 10-12 नग बादाम का सेवन लाभकारी माना जाता है। बादाम दिमाग से संबंधित रोगों को जड़ से खत्म करता है। बादाम प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जिंक आयरन और फाइबर का अच्छा स्रोत है। मैग्नीशियम प्रभावी ढंग से विभिन्न माइग्रेन सक्रियताओं का मुकाबला कर सकता है, क्योंकि यह रक्त शर्करा और रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करता है।
• एक शोध में यह बात सामने आई है कि बादाम वजन कम करने में भी सहायक होता है। शोध में पाया गया कि रोजाना बादाम की एक निश्चित मात्रा वजन घटाने में मददगार साबित होती है।
• भीगा हुआ बादाम एंटीऑक्सीडेंट का भी अच्छा स्रोत है। यह मुक्त कणों के नुकसान से बचा कर उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोकता है। भीगे बादाम में विटामिन-बी17 और फोलिक एसिड कैंसर से लड़ने और जन्म दोष को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। भीगा बादाम पाचन में भी मदद करता है।
• रात में पानी में भिगोकर सुबह छिलका उतारकर खाने से पढ़ने वाले बच्चों के लिए तो यह बहुत ही फायदेमंद सिद्ध होता है। बादाम खाना खाने के बाद शुगर और इंसुलिन का लेवल बढ़ने से रोकता है, जिससे डायबिटीज से बचा जा सकता है।
• बादाम रक्तचाप के लिए भी अच्छे होते हैं। एक अध्ययन के अनुसार बादाम का सेवन करने से ब्लड में अल्फा टोकोफेरॉल की मात्रा बढ़ जाती है, जो किसी के भी रक्तचाप नियंत्रित रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है। अध्ययन से यह भी पता चला है कि नियमित रूप से बादाम खाने से ब्लड प्रेशर नीचे लाया जा सकता है
• बादाम एक बहुत ही शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट एजेंट है और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोकने में मदद करता है। बादाम के ये गुण दिल को स्वस्थ रखने और संपूर्ण हृदय प्रणाली को नुकसान और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। बादाम के संतुलित सेवन के लिए चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।