विनय संकोची
Health: खुबानी एक गुठलीदार स्वादिष्ट रसीला फल है। भारत में खुबानी को पिछले 5000 वर्षों से अधिक समय से उगाया जा रहा है। आलू बुखारा और आड़ू की तरह खुबानी भी प्रुनस परिवार का ही सदस्य है। खुबानी को अंग्रेजी में एप्रिकोट कहा जाता है। खुबानी का रंग आमतौर पर पीले से नारंगी की तरफ होता है। खुबानी के फल के बीच इसका बीज सख्त गुठली में होता है, जो खुरदरी और आकार में छोटे बादाम जैसी होती है। भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में सूखी खुबानी को बादाम और अखरोट जैसा सूखा मेवा ही माना जाता है।
खुबानी एक पौष्टिक फल है, जिसमें सोडियम(Sodium), पोटेशियम (Potassium), कार्बोहाइड्रेट(Carbohydrate), आहारीय फाइबर(Dietary Fiber), शर्करा(Sugar), विटामिन सी (Vitamin-C), कैल्शियम (Calcium), आयरन (Iron), विटामिन डी (Vitamin-D), विटामिन बी6 (Vitamin-B6), मैग्नीशियम(Magnesium) जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। खुबानी में सेचुएटेड फैट (Saturated Fat)और कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) नाम को भी नहीं होते हैं, जिससे यह रसीला फल हृदय के स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभकारी होता है। इस फल की एक सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि सूखी खुबानी में ताजा खुबानी के मुकाबले 5 गुना विटामिन ए, 7 गुना डाइटरी फाइबर और 11 गुना आयरन होता है, इसीलिए कुछ लोग ताजा खुबानी के साथ सूखी खुबानी भी खाना कुछ ज्यादा ही पसंद करते हैं।
आइए जानते हैं खुबानी के गुण और उपयोग के बारे में -
• खुबानी दिल के स्वास्थ्य का सच्चा रखवाला होता है। खुबानी के सेवन से हृदय को अनेक प्रकार के रोगों से बचाया जा सकता है। खुबानी में पाया जाने वाला फाइटोकेमिकल फेनोलिक हृदय संबंधी बीमारियों को दूर भगाता है।
• सीमित मात्रा में खुबानी का सेवन कर मधुमेह की समस्या से बचा जा सकता है। खुबानी में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड खून में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित कर सकता है।
• खुबानी दर्द निवारक गुणों से परिपूर्ण होती है। इसी कारण यह कान व शरीर के अन्य दर्द से राहत दिलाने में सहायता कर सकता है
• खुबानी में एंटी एजिंग गुण होता है, इसीलिए खुबानी के सेवन से चेहरे पर झुर्रियों को हटाने में सहायता मिल सकती है। खुबानी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट भी त्वचा की सूजन को कम करने का काम करता है।
• एंटी-ऑक्सीडेंट से युक्त खुबानी अल्सर की समस्या से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
• खुबानी में पोटेशियम और मैग्नीशियम तत्वों की मौजूदगी इस फल को हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में सहायक बनाती है। इसके अतिरिक्त खुबानी में कैल्शियम और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व भी होते हैं, जो हड्डियों की सेहत के लिए बहुत उपयोगी है।
• खुराक में एंटी-ऑक्सीडेंट की कमी से अस्थमा की समस्या का जोखिम बढ़ जाता है। खुबानी में मौजूद लाइकोपीन कैरोटिनॉइड योगिक शरीर में ऑक्सीजन की कमी नहीं होने देता, जिससे सांस से जुड़ी समस्या का खतरा कम हो सकता है।
• ताजा और सूखी खुबानी को अपने आहार का हिस्सा बनाकर रक्तचाप की समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है।
• खुबानी में पाया जाने वाला एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण इसे सूजन काम करने में सहायक बनाता है। खुबानी के बीज की गिरी के सेवन से पेट की सूजन को कम किया जा सकता है।
• एनीमिया यानी शरीर में रक्त की कमी की समस्या से भी खुबानी का सेवन कर छुटकारा पाया जा सकता है। आयरन और फोलेट से समृद्ध खुबानी एनीमिया को हराने में सक्षम है।
जरूरी बात : खुबानी खाने से बच्चों में विषाक्तता का डर रहता है। सूखी खुबानी को यदि अच्छी तरह चबाकर ना खाया जाए तो गैस संबंधी समस्या हो सकती है। खुबानी के बीज की गिरी दिल के लिए हानिकारक हो सकती है।विशेष : यहां खुबानी से जुड़ी विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है, जिसे चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं माना जा सकता है। हम बेर के किसी भी रूप में उपयोग, प्रयोग से लाभ का कोई दावा नहीं करते है। खुबानी को किसी भी रोग विशेष में औषधि के रूप में प्रयोग से पूर्व योग्य चिकित्सक/आयुर्वेदाचार्य/आहार विशेषज्ञ से परामर्श आवश्यक/अनिवार्य है।