विनय संकोची
( Carrot )गाजर में ढेरों औषधीय गुण छिपे हैं। सेहत को ध्यान में रखते हुए गाजर के सेवन के फायदे ही फायदे हैं। कहा जाता है कि प्राचीन काल में इसे केवल दवा के लिए ही उगाया जाता था। दैनिक आहार में इसका प्रयोग बहुत बाद में प्रारंभ हुआ। गाजर में एक विशेष गुण यह रहता है कि इसके सेवन से नवीन रक्त का निर्माण शीघ्रता के साथ होता है। यह उत्तम टॉनिक का कार्य भी करती है। गाजर से रक्त में कैंसर(Cancer) के कोष विकसित नहीं हो पाते। गाजर के जूस का कुछ दिनों तक सेवन करते रहने से खांसी, दमा, पेशाब की जलन तथा पथरी से पीड़ित व्यक्तियों को लाभ मिलता है। गाजर शरीर से गंदे पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है। गाजर अल्सर जैसी खतरनाक बीमारी में भी फायदा करती है। आयुर्वेद गाजर को यौन शक्तिवर्धक टॉनिक मानती है। गाजर को उसके प्राकृतिक रूप यानी कच्चा खाना लाभदायक बताया गया है।
• गाजर कच्चे फल की तरह खाई जाती है। इसे पकाकर सब्जी बनाई जाती है। सलाद के साथ इसका उपयोग किया जाता है। गाजर की खीर और गाजर का हलवा भी रुचिकर होते हैं। गाजर का रस विशेष गुणकारी रहता है। सुखाई गई गाजर की कॉफी जर्मनी में बहुत लोकप्रिय है। गाजर के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर सुखा लिए जाते हैं, फिर इसे दूध व चीनी के साथ उबालकर पौष्टिक कॉफी बना दी जाती है।
• गाजर में कैरोटिनॉइड होता है, जो हृदय रोगियों के लिए अच्छा है। यह माना जाता है कि गाजर का प्रतिदिन सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। हृदय की कमजोरी अथवा धड़कनें बढ़ जाने पर गाजर को भूनकर खाने पर लाभ होता है। गाजर में बहुत कम कैलोरी होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीज भी दिन में एक बार गाजर का जूस पी सकते हैं।
• गाजर में विटामिन-ए अधिक होने से यह नेत्र ज्योति बढ़ाती है। गाजर में विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स होता है, जो पाचन संस्थान को मजबूत बनाता है, इससे भूख लगती है। गाजर रक्त शुद्ध करके पेट ठीक रखकर कई रोगों से बचाती है। कच्ची गाजर खाने से कब्ज दूर होता है तथा आंतों की सड़न वह गंदगी दूर होती है। कच्ची गाजर चबाने या उस का रस पीने से बवासीर के रोगियों को आराम मिलता है।
• नियमित रूप से गाजर का रस पिलाने से बच्चा हृष्ट-पुष्ट बनते हैं। बच्चों के दांत निकलने के समय गाजर के रस को पिलाते रहने से दांत आसानी से निकल आते हैं तथा दूध भी उचित रूप से हजम होता है। बच्चा जब चलने के लायक हो जाए, तो उसे गाजर और संतरे का रस मिलाकर देने से वह शीघ्रता से चलने लगता है। गाजर के रस को पीने के तुरंत बाद या पहले भोजन नहीं करना चाहिए। गाजर से आंतों के हानिकारक कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
• गाजर के नियमित सेवन से त्वचा चमकदार होती है। इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को सूरज की किरणों से होने वाले नुकसान से बचाता है। अगर शरीर में विटामिन-ए की कमी होती है तो उस से त्वचा और बाल नाखून तीनों ही सूख जाते हैं। इसलिए विटामिन-ए की पूर्ति के लिए अपनी डाइट में गाजर को जरूर शामिल कर लेना चाहिए।
• प्रतिदिन गाजर का सलाद खाने से या जूस पीने से चेहरे पर चमक आती है। गाजर रक्त की विषाक्तता कम करता है और इसके सेवन से कील-मुहांसों से भी छुटकारा मिलता है। गाजर को कद्दूकस करके नमक मिलाकर खाने से खाज खुजली में लाभ होता है। गर्मी में गाजर का मुरब्बा दिमाग के लिए फायदेमंद होता है।
• गाजर में कैंसर जैसी बीमारियों से भी लड़ने का गुण है। इसमें एक खास तत्व होता है, जिसे प्रोस्टेट, कोलोन और स्तन कैंसर से लड़ने में बहुत ही कारगर समझा जाता है। गाजर खाने वाले लोगों को में आंत का कैंसर होने की संभावना 24 प्रतिशत कम होती है।
• गाजर के जूस से मां के दूध की गुणवत्ता बढ़ जाती है। जल जाने पर भी प्रभावित अंग पर बार-बार गाजर का रस लगाने से लाभ होता है। गाजर का जूस गर्भ में पल रहे बच्चे को इंफेक्शन से बचाए रखता है। गाजर में मौजूद विटामिन-सी घाव ठीक करने के साथ-साथ मसूड़ों को भी स्वस्थ रखता है। गाजर एक एंटी-एजिंग की तरह कार्य करता है, जिससे इसके सेवन से शरीर पर झुर्रियां जल्दी नहीं पड़ती हैं। गाजर के बीज गरम होते हैं अतः गर्भवती महिलाओं को उसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।