विनय संकोची
नारियल(Coconut) के वृक्ष समुद्र के किनारे पाए जाते हैं। इसके फल धार्मिक अनुष्ठानों में प्रयुक्त होते हैं। नारियल के वृक्ष भारत में प्रमुख रूप से केरल पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में खूब होते हैं। नारियल एक बेहद उपयोगी फल है। नारियल देर से पचने वाला, रक्त विकार नाशक, दाहशामक, पुष्टिकारक, बलवर्धक, मूत्राशय शोधक तथा वात-पित्त नाशक होता है। नारियल की तासीर ठंडी होती है। कच्चे नारियल का पानी सुस्वादु, स्फूर्ति दायक, प्यास बुझाने वाला, अग्नि प्रदीपक होता है। नारियल तेल की मालिश त्वचा व बालों के लिए बहुत अच्छी होती है। नारियल तेल की मालिश से मस्तिष्क भी ठंडा रहता है।
• आयुर्वेद में नारियल पानी को रेचक के रूप में प्रयोग किया जाता है। माना जाता है कि इसकी ठंडक उल्टी और पैत्तक बुखार को दूर करती है। वहीं दूसरी ओर पके हुए नारियल का पानी कब्ज और अपच का कारण माना जाता है। नारियल पानी कैफीन वाले पेय जैसे कॉफी, चाय या कोला का अच्छा विकल्प है।
• वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि एक स्वस्थ व्यस्क के भोजन में प्रतिदिन 15 मिलीग्राम जिंक हो तो मोटापे से बचा जा सकता है और ताजा नारियल में जिंक भरपूर मात्रा में होता है। इसलिए नारियल मोटापा कम करता है
• रोगी की आंतों में जलन, डायरिया, मल में रक्त आना, वजन कम होना आदि क्रोहन रोग के लक्षण होते हैं। इस बीमारी में इलाज के लिए नारियल एक रामबाण औषधि है। वैज्ञानिकों के अनुसार क्रोहन रोग के उपचार में प्रयोग किए जाने वाले कार्टिकोस्टेरॉयड के समकक्ष नारियल में फाइटोस्टेरॉल्स नामक तत्व होता है जो क्रोहन से लड़ता है।
• नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स, क्लोराइड्स, पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। इसमें सीमित मात्रा में चीनी, सोडियम व प्रोटीन भी होता है। साथ ही यह है आहार संबंधी फाइबर, मैंगनीज, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन और विटामिन-सी का भी अच्छा स्रोत है।
• बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने के लिए भी नारियल का प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद साइटोकिन्स कोशिकाओं और ऊतकों पर सकारात्मक प्रभाव डालकर बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।
• नारियल पानी कोलस्ट्रोल और फैट फ्री होने की वजह यह दिल के लिए बहुत अच्छा होता है। इसका एंटी ऑक्सीडेंट गुण भी ब्लड सरकुलेशन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
• नारियल पानी पीते रहने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। साथ ही जरूरी लवणों की मात्रा भी संतुलित बनी रहती है। उल्टी, दस्त, तेज ज्वर या किसी भी कारण से जलाभाव में कच्चे नारियल के पानी में स्वादानुसार नींबू निचोड़ कर बार-बार पीते रहने से लाभ होता है। सिर दर्द से जुड़ी ज्यादातर समस्याएं डिहाइड्रेशन की वजह से ही होती हैं। नारियल पानी शरीर को तुरंत इलेक्ट्रोलाइट्स पहुंचाने का काम करता है, जिससे हाइड्रेशन का स्तर सुधर जाता है।
• नारियल के पानी में मौजूद विटामिन-सी, पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं। साथ ही यह हाइपरटेंशन को भी नियंत्रित करता है।
• आंतों में कृमि की समस्या से निपटने के लिए हरा नारियल पीसकर उसकी एक-एक चम्मच मात्रा का सुबह-शाम नियमित रूप से सेवन करने से बहुत आराम मिलता है। नारियल का पानी पीने से पथरी निकल जाती है।
• 50 ग्राम नारियल के तेल में दो नींबू का रस मिलाकर मालिश करने से खुजली कम होती है। प्रातः भूखे पेट 25 ग्राम नारियल 7 दिन तक खाने से नकसीर आना बंद हो जाती है। चेहरे पर नारियल का पानी रोजाना दो बार लगाते रहने से चेहरे के कील-मुंहासे, दाग-धब्बे, चेचक के निशान दूर हो जाते हैं।
• रोज एक नारियल का पानी गर्भावस्था में पीते रहने से सुंदर संतान का जन्म होता है। माना जाता है कि नारियल पानी पीने से गर्भावस्था के दौरान होने वाली आम समस्याओं जैसे मिचली, कब्ज और एसिडिटी से राहत मिलती है।
• रोज 25 ग्राम कच्चा नारियल खाने से या पीसकर पीने से टीबी के कीटाणु खत्म होते हैं। नारियल के तेल में पानी मिलाकर भली प्रकार मथकर सिर व तलवों पर मालिश करने से शरीर की गर्मी शांत होती है।
• इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यदि खांसी या दमा की बीमारी से ग्रस्त हैं, तो नारियल का सेवन नहीं करें, क्योंकि इससे लाभ की जगह नुकसान हो सकता है। नारियल के समुचित उपयोग एवं हानि-लाभ के विषय में योग्य विशेषज्ञ से संपर्क करना बेहतर होगा।