Health :गर्भावस्था में सर्दी-खांसी को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 05:27 PM
नोएडा । गर्भावस्था(Pregnancy) के दौरान महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है। इस समय महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। थोड़ी-सी लापरवाही से उन्हें रोग जकड़ लेता है। कई बार गर्भावस्था में सर्दी-खांसी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
फेलिक्स अस्पताल(Felix Hospital) गायनोकोलॉजिस्ट(Gynoclogist) डॉक्टर सोनालिका ने कहा कि सामान्य खांसी और सर्दी पांच-सात दिन में ठीक हो जाती है, लेकिन यदि यह एक हफ्ते से ज्यादा बनी रहे और खांसी के कारण गले में दर्द हो रहा हो या बुखार के लक्षण हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।गर्भावस्था में बिना डॉक्टर के परामर्श के सर्दी जुकाम के लिए दवाएं नहीं लेनी चाहिए। सर्दी जुकाम में ली जाने वाली दवाएं शिशु के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
गर्भावस्था की इस अवस्था में सर्दी-जुकाम के दौरान कफ नहीं होने देना चाहिए। गर्भावस्था में खांसी होने का प्रमुख कारण है कि महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना।
गर्म एवं ठंडी चीजों का एक साथ सेवन या फिर बर्फ से बनी चीजों का अधिक सेवन। वायरल संक्रमण, सर्दी या फ्लू, पहले से टीबी व दमा का रोगी होना।इसके साथ ही प्रदूषण और धूल-मिट्टी से युक्त वातावरण में रहना और अधिक धूम्रपान करना। इसलिए गर्भवती महिलाएं प्रदूषण युक्त वातावरण में जाने से पहले मास्क पहनें। धूल-मिट्टी के संपर्क में आने से बचें।वायरल संक्रमण से खास बचाव करना चाहिए। इसके लिए संक्रमित स्थान एवं वहां बनी हुई वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए। ठंडी एवं गरम चीजों का एक साथ सेवन नहीं करें। जंक फूड एवं बर्फ से बनी चीजें बिल्कुल न खाए।
गर्भावस्था की खांसी-सर्दी के लक्षण-
1.बुखार
2.नाक बहना
3.बलगम निकलना
4.साइनस में दर्द होना।
5.शरीर में दर्द और ठंड लगना
6.खांसते-खांसते उल्टी की इच्छा होना।
डाइट में इन चीजों को करें शामिल-
1.ड्रायफू्रट और च्वयनप्राश खाएं
2.ताजे फल, सब्जियां, नट्स का अधिक सेवन करें
3.गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर सेवन करें।
4.5-7 तुलसी एवं पुदीना के पत्तों को पानी में उबालकर सेवन करें
5.एक चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर चाटें।
गर्भावस्था में सर्दी-खांसी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान-
1.गर्भावस्था में स्त्री को पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना चाहिए। इससे मां और गर्भ में पल रहे बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
2.गर्भावस्था के दौरान सर्दी-खांसी होने पर हल्दी वाला दूध बहुत लाभदायक होता है। गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी डाल कर सेवन करें।
3.स्वस्थ व संतुलित आहार लें, जिसमें ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों। इन सबसे बने आहार से आपको खनिज व विटामिन मिलेगा। इससे संक्रमण से लडऩे में सहायता मिलती है।