Health : मेवा ही नहीं, बहुगुणी औषधि भी है 'चिलगोजा'
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:42 AM
विनय संकोचीHealth : 'चिलगोजा'(Chilgoza) बादाम(Almonds), पिस्ता(Pistachios), अखरोट(Walnuts) की तरह ही एक सूखा मेवा है। बहुत से लोगों ने तो शायद इस गुणकारी मेवा का नाम भी नहीं सुना होगा। लेकिन जो लोग इससे परिचित हैं, वो इसे बड़े चाव से खाते हैं। आयुर्वेद में कई दवाओं में चिलगोजे का इस्तेमाल किया जाता है। लगभग दो-ढाई सेंटीमीटर और भूरे रंग के छिलके वाले चिलगोजे के सफेद बीज स्वादिष्ट और मीठे होते हैं। अन्य सूखे मेवों की तरह ही चिलगोजा भी पोषक तत्वों का भंडार है। इसमें प्रोटीन(Proteins), कार्बोहाइड्रेट(Carbohydrates), डाइटरी फाइबर(Dietary Fiber), शर्करा(Sugars) , जैसे पोषक तत्व (Minerals)और कैल्शियम(Calcium), आयरन(Iron), मैग्नीशियम(Magnesium), फॉस्फोरस(Phosphorus), पोटेशियम (Potassium), सोडियम(Sodium) तथा जिंक(Zinc) जैसे खनिज मौजूद होते हैं। इसके अतिरिक्त चिलगोजा एस्कॉरबिक एसिड((Ascorbic Acid), थायमिन(Thiamine) , राइबोफ्लेविन(Riboflavin), नियासिन(Niacin), विटामिन-बी6(Vitamin-B 6), फॉलेट(Folate), विटामिन-बी12(Vitamin- B 12), विटामिन-ए(Vitamin-A), विटामिन-बी(Vitamin-B) , विटामिन-सी(Vitamin-C) , विटामिन-के(Vitamin - K)) आदि का भी खजाना होता है, जो सभी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। आयुर्वेद में बहुगुणी औषधि के रूप में पहचाने जाने वाले चिलगोजे को अंग्रेजी में एडिबल पाइन, संस्कृत में निकोचक, दारुगंधा, गंध मादिनी, पंजाबी में चिरी, गलबोजा, उर्दू में चिलगोजाह कहा जाता है।
आइए जानते हैं चिलगोजे के गुण और उपयोग के बारे में-
• दमा एक बड़ी पीड़ादायक बीमारी है। चिलगोजा इसके उपचार में सहायक है। चिलगोजे की 5-10 गिरी को पीसकर, उसमें शहद मिलाकर सेवन करने से दमा में फायदा हो सकता है। यह मिश्रण खांसी में भी उपयोगी है।
• चिलगोजे में मोनोसैचुरेटेड फैट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसी तत्व के कारण चिलगोजे के सेवन से भूख ना लगने अथवा कम लगने की परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है।
•चिलगोजा मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में भी सहायक होता है। इसमें अनेक ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो अल्जाइमर, पर्किंसन और डेमेशिया जैसे मानसिक रोगों के जोखिम से बचाने का काम कर सकते हैं। चिलगोजे के सेवन से डिप्रेशन के लक्षणों में भी सुधार आता है।
• चिलगोजे में मौजूद पर्याप्त मात्रा में फाइबर और एंटी ऑक्सीडेंट पाचन को दुरुस्त करने के साथ कोलन कैंसर से बचाव करने में सहायक होते हैं। चिलगोजा कैंसर की रोकथाम के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
• एंटीऑक्सीडेंट और विशेषकर ल्यूटिन एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी चिलगोजे को आंखों का सुरक्षा कवच बनाता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में मौजूद विटामिन-ए आंखों की रोशनी के साथ कॉर्निया की रक्षा करने में कारगर माना जाता है।
• चिलगोजा दिल का दोस्त है। इसमें मौजूद पाली अनसैचुरेटेड फैट्स बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर हृदय को सुरक्षा प्रदान करते हैं। चिलगोजे के सेवन से हृदय संबंधी रोगों के जोखिम से बचा जा सकता है।
• चिलगोजे में पाया जाने वाला पिनोलेनिक एसिड भूख को नियंत्रित कर वजन घटाने में सहायता कर सकता है। शोध में पाया गया है कि चिलगोजे के तेल के सेवन से भी वजन को नियंत्रित किया जा सकता है।
• चिलगोजे के सेवन से हड्डियों को भी मजबूती मिलती है। इसमें मौजूद फैटी एसिड हड्डियों के विकास और मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। चिलगोजे में पाया जाने वाला ओमेगा 6 फैटी एसिड हड्डियों को तो स्वस्थ रखता ही है, साथ ही गठिया में भी आराम पहुंचाता है।
• चिलगोजे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का भी गुण होता है। चिलगोजे में पर्याप्त मात्रा में मौजूद जिंक इम्युनिटी बढ़ाने का काम करता है।
• चिलगोजे का सेवन त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। चिलगोजे में मौजूद एस्कॉरबिक एसिड सूर्य की हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा कर सकता है। इसके अलावा चिलगोजे में एंटी एजिंग गुण भी पाया जाता है, जो त्वचा को समय से पूर्व झुर्रियों से बचाता है।
• चिलगोजे में मौजूद ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड बालों को झड़ने से रोकते हैं और बालों को घना व चमकदार बनाते हैं।
जरूरी बात : यदि नट्स के सेवन से एलर्जी हो तो बिना चिकित्सक की सलाह के लिए चिलगोजे का सेवन नहीं करना चाहिए। चिलगोजे का अत्यधिक मात्रा में सेवन हानिकारक होता है। ज्यादा चिलगोजा खाने से कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे मोटापा बढ़ने का जोखिम हो सकता है।विशेष : यहां चिलगोजे के गुण और उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है। यह सामान्य जानकारी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। इसलिए हम किसी उपाय अथवा जानकारी की सफलता का दावा नहीं करते हैं। रोग विशेष के उपचार में चिलगोजे को औषधि रूप में अपनाने से पूर्व योग्य आयुर्वेदाचार्य/चिकित्सक से परामर्श जरूरी है।