विनय संकोची
Health: जिस छोटी हरी इलायची (Green Cardamom) का उपयोग अतिथि सत्कार, मुखशुद्धि तथा पकवानों को सुगंधित बनाने में किया जाता है, वह औषधीय गुणों का भंडार भी है। हरी इलायची में विटामिन, मिनरल, आयरन, मैंगनीज, कैल्शियम, पोटैशियम, राइबोफ्लेविन, नियासिन, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल आदि पोषक तत्व और प्राकृतिक गुण होते हैं। इसीलिए छोटी इलायची का सेवन करने से शरीर के बेहतर विकास में सहायता मिल सकती है।
आयुर्वेद के ग्रंथों में इलाचयी के गुणों का विस्तार से वर्णन मिलता है। आयुर्वेद इलायची को शीतल, तीक्ष्ण, मुख को शुद्ध करनेवाली, पित्त-वात जनित रोगों, श्वास, खाँसी, बवासीर, हृदय रोग, पथरी, मूत्र संबंधी समस्याओं, क्षय और सुजाक आदि रोगों में उपयोगी और फायदेमंद मानता है।छोटी इलायची को संस्कृत में तीक्ष्णगंधा, एला और लैटिन में एलेटेरिआ कार्डामोमम, ओड़िया में ओलाइचो, गुजराती में एलची कागदी, तमिल में एलाक्के, कलिंदम तेलुगु में एलाकिक, मराठी में बारीक वेलरोडे, वेल्लोडा कहा जाता है।
आइए जानते हैं छोटी इलायची के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में -
• छोटी इलायची कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह शरीर में रक्त के थक्के जमने का जोखिम कम करती है। छोटी इलायची का सेवन करने से हृदय स्वस्थ रहता है और बीमारियों की चपेट में आने से बचा रह सकता है।
• जो लोग मोटापे से परेशान हैं, उन्हें छोटी इलायची का सेवन जरूर करना चाहिए। हरी इलायची में मौजूद पोषक तत्व शरीर में जमा फालतू चर्बी तेजी से कम करने में मदद करते हैं। सुबह सवेरे नियमित रूप से खाली पेट छोटी इलायची के पानी का सेवन करके वजन घटाने में मदद मिल सकती है।
• शरीर की कोशिकाओं में सूजन आना आम बात है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लामेंटरी गुणों से भरपूर इलायची के सेवन से फायदा मिल सकता है। छोटी इलायची के सेवन से कोशिकाओं को सूजन के खतरे से सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
• मौसम बदलने पर कुछ लोग सर्दी-खांसी की समस्या का शिकार हो जाते हैं। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग बहुत जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। छोटी इलायची का सेवन खांसी और गले की खराश से आराम दिला सकता है। रात्रि में सोने से पहले आधा से एक ग्राम इलायची चूर्ण को शहद में मिलाकर दो तीन दिन खाने से गले की खराश ठीक हो जाती है।
• इलायची का रोजाना सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर में कमी आ सकती है। छोटी इलायची में मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज पदार्थ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन के मरीज इलायची का नियमित सेवन कर रक्तचाप को कंट्रोल कर सकते हैं।
• छोटी इलायची अस्थमा के रोगियों के लिए भी बहुत उपयोगी औषधि है। छोटी इलायची में फेफड़ों में खून के प्रवाह को ठीक रखने का गुण पाया जाता है, जिससे फेफड़े स्वस्थ रहते हैं और खांसी या अस्थमा जैसी बीमारियों के जोखिम से बचाव होता है।
• जिन लोगों को समय पर भूख ना लगने या कम लगने की परेशानी है, उन्हें छोटी इलायची का सेवन अवश्य करना चाहिए। दरअसल इलायची पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है, जिससे शरीर का मेटाबोलिज्म भी ठीक से काम करता है और भूख भी बढ़ती है।
• शरीर के अंदर तमाम ऐसे विषाक्त पदार्थ होते हैं, जो अनेक विकारों के पनपने का कारण बनते हैं। यदि प्रतिदिन नियम से एक छोटी इलायची रोजाना खाई जाए, तो किडनी से सारे विषैले तत्व अपने आप बाहर निकल जाते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है।
• छोटी इलायची मस्तिष्क को मजबूती देने का भी काम करती है। 2-3 चम्मच दूध में इलायची के कुछ दानों को 2-3 बादाम व 2-3 पिस्ता के साथ पीसकर, एक गिलास दूध में मिलाकर आधा होने तक गाढ़ा करके और इसमें मिश्री मिलाकर सेवन करने से याददाश्त भी बढ़ती है और दिमाग भी मजबूत होता है।
• नियमित रूप से छोटी इलायची का सेवन करने से नपुंसकता दूर करने में मदद मिल सकती है।
• छोटी इलायची की चाय पीने से पेट और सांसों से जुड़ी बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही यह चाय तनाव को दूर कर चित्त को तरोताजा बनाये रखती है। तनाव और अवसाद से ग्रस्त लोगों को छोटी इलायची की चाय बहुत फायदा पहुंचा सकती है।
जरूरी बात : छोटी इलायची के अधिक सेवन से त्वचा पर एलर्जी, दाग और धब्बे आदि की समस्या हो सकती है। ज्यादा इलायची खाने से पथरी की समस्या भी बढ़ सकती है। जिन लोगों को इलायची से एलर्जी है, उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए। इलायची के अधिक सेवन से सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है। छोटी इलायची का अधिक सेवन गर्भपात की समस्या का कारण बन सकता है। इलायची की गर्म तासीर के कारण पेट और पाचन संबंधित समस्याएं हो सकती है।विशेष : यहां छोटी इलायची के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है, जो किसी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प बिल्कुल नहीं है। हम किसी प्रयोग की सफलता का दावा नहीं करते हैं। छोटी इलायची को किसी रोग विशेष में औषधि के रूप में प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक/आयुर्वेदाचार्य/आहार विशेषज्ञ से परामर्श आवश्यक है।