विनय संकोची
भोजन की थाली में दही होने का सीधा सा अर्थ है कि थाली स्वादिष्ट होने के साथ ही, पौष्टिक भी है। दूध से बनने वाले दही का उपयोग खाने में हजारों सालों से हो रहा है। दही का नियमित सेवन अमृत के समान माना गया है। दही कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन, लेक्टोज और दूसरे अनेक पोषक तत्वों से भी भरपूर है, जो स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी होते हैं। इसमें कुछ ऐसे भी रासायनिक पदार्थ पाए जाते हैं, जो दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाते हैं। इसी कारण दूध की अपेक्षा दही को अधिक पहुंचे पोषक माना जाता है। दही पाचन क्रिया के लिए भी बहुत अधिक कारगर है। यह खून की कमी और कमजोरी को दूर करती है। कैल्शियम की मात्रा दूध की अपेक्षा दही में 18 गुना ज्यादा होती है। जिन लोगों को दूध पीना अच्छा नहीं लगता हो, दही उनके लिए एक उचित और बेहतर विकल्प विकल्प है। यदि दही खाने का मन नहीं करे तो उसकी मीठी अथवा नमकीन लस्सी तैयार कर सेवन करना लाभदायक साबित होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक प्रतिदिन मात्र एक चम्मच दही खाने से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया, प्रतिरोधी प्रणाली को बेहतर बनाते हैं। दही को गुणों की खान कहा जाता है। प्रस्तुत है अमृत-तुल्य दही के लाभकारी उपयोग के संबंध में संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण जानकारी-
• दही अनेक गंभीर रोगों में भी रामबाण औषधि के रूप में काम करती है। इसमें दिल के रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की अद्भुत क्षमता होती है। दही कोलोस्ट्रोल को बढ़ने से रोकती है और दिल की धड़कनों को नियंत्रित बनाए रखती है।
• माना जाता है कि दही खाने का सीधा संबंध मस्तिष्क है। यही कारण है कि दही का सेवन करने वालों को तनाव की शिकायत अपेक्षाकृत बहुत कम होती है।
• दही में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और फास्फोरस होता है। दांतों के साथ हड्डियों की मजबूती के लिए भी दही बहुत फायदेमंद है। इतना ही नहीं दही ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया जैसे रोगों में भी राहत देने का काम बखूबी करती है। यह नाखूनों को भी मजबूत बनाती है। दही से मांसपेशियों को सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है।
• दही में एक बहुत ही अद्भुत और विचित्र गुण पाया जाता है। दुबले-पतले व्यक्ति दही में किशमिश, बादाम, छुआरा मिलाकर सेवन करें तो उनका वजन बढ़ने लगता है, जबकि दही के सेवन से शरीर की फालतू चर्बी को भी हटाया जा सकता है। दही में बहुत अधिक मात्रा में पाया जाने वाला कैल्शियम ऐसा तत्व है जो शरीर को फूलने नहीं देता है और वजन नहीं बढ़ने देने में सहायक होता है। यह गुण अन्य किसी खाद्य पदार्थ में शायद ही पाया जाता है। आहार विशेषज्ञों के अनुसार दही का नियमित सेवन करने से आंतों के रोग और पेट संबंधी रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है।
• आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत सारे लोग बेचैनी और अनिद्रा का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार रात में नींद न आने की परेशानी से निपटने के लिए दही और छाछ का सेवन बहुत अधिक लाभदायक होता है। थकान महसूस होती हो तो रोजाना दही का सेवन बहुत अच्छा रहता है।
• दही एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जो खाने में स्वास्थ्यवर्धक तो है ही साथ ही सौंदर्य निखारने का भी अच्छा स्त्रोत है। दही में बेसन मिलाकर लगाने से चेहरे पर चमक आती है। शरीर पर दही लगाकर नहाने से त्वचा कोमल और खूबसूरत बन जाती है। बालों को सुंदर और चमकदार बनाने के लिए दही या छाछ से बालों को धोने से फायदा होता है।
• दही और शहद को मिलाकर छोटे बच्चों को खिलाने से दांत आसानी से निकलने लगते हैं। खुजली दूर करने के लिए खट्टी दही की मालिश फायदा करती है। दही में हींग का छौंक लगाकर खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ पहुंचता है। दही की मलाई को मुंह के छालों पर दिन में दो-तीन बार लगाने से छाले दूर हो जाते हैं।
• दही बेहद गुणकारी है, लेकिन इसके उपयोग में सावधानी भी अत्यंत जरूरी है, जैसे बासी दही का सेवन कभी ना करें, रात्रि में दही का सेवन वर्जित बताया गया है, मांसाहारी भोजन के साथ दही नहीं खानी चाहिए, मधुमेह के रोगियों को दही का सेवन संयम से करना चाहिए, सर्दी-खांसी-जुकाम, टॉन्सिल, अस्थमा एवं सांस की अन्य तकलीफ में दही का सेवन उचित नहीं है। रोगों के उपचार में दही का उपयोग, चिकित्सक से परामर्श के उपरांत ही करना चाहिए।