विनय संकोची
अखरोट (Walnut) का फल एक प्रकार का सूखा मेवा है। अखरोट का बाह्य आवरण एकदम कठोर होता है और अंदर मानव मस्तिष्क जैसे आकार वाली गिरी होती है। आधी मुट्ठी अखरोट गिरी में 392 कैलोरी ऊर्जा होती है, 9 ग्राम प्रोटीन होता है, 39 ग्राम वसा होती है और 8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। इसमें विटामिन-ई और बी 6, कैल्शियम और मिनरल भी पर्याप्त मात्रा में पाए पाए जाते हैं। अखरोट को 'ब्रेन फूड' (Brain Food) भी कहा गया है। एक अध्ययन में माना गया है कि हफ्ते में मात्र तीन बार एक मुट्ठी अखरोट गिरी खाना, लंबे जीवन की कुंजी है। अखरोट बहुत ही बलवर्धक है, हृदय को कोमल करता है। हृदय(Heart) और मस्तिष्क (Brain )को पुष्ट करके उत्साही बनाता है। यह वात, पित्त, टीबी, हृदय रोग, रुधिर दोष और जलन का नाश करता है। अखरोट को स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर माना जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। साथ ही इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं। अखरोट में मेलाटोनिन पाया जाता है, जो अच्छी नींद लाने में सहायक है। इसके दैनिक सेवन से कैंसर जैसी घातक बीमारियों से लड़ने की क्षमता शरीर में पैदा हो जाती है। साथ ही साथ मेटाबॉलिज्म भी दुरुस्त रहता है। इसे प्रतिदिन खाने से ऊर्जा का स्तर भी बना रहता है। अखरोट पित्त प्रकृति वालों के लिए हानिकारक होता है। अखरोट गरम व खुश्क प्रकृति का होता है।
• महामारी विज्ञान के कुछ अध्ययनों में पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से अखरोट का उपयोग करते हैं, उन्हें कोरोनरी हृदय रोग होने की संभावना बहुत कम होती है। कच्चे अखरोट सबसे अधिक गुणकारी होते हैं, क्योंकि अखरोट में स्वाभाविक रूप से पाए जाने वाले गुणकारी तेल भुनने के दौरान नष्ट हो जाते हैं।
• अखरोट में मोनोसैचुरेटेड फैट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें ओमेगा-3, फैटी एसिड्स जैसे - सिनोलिक एसिड, अल्फा फिनोलिक एसिड और एराकिडोनिक एसिड भी काफी मात्रा में मिलते हैं। अखरोट का नियमित सेवन खून में बुरे कोलस्ट्रोल को कम कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।
• अखरोट का सेवन ब्रेस्ट कैंसर, कोलोन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर से बचाव करता है। अखरोट में कई तरह के यौगिक मौजूद होते हैं - जैसे मेलाटोनिन, विटामिन-ई, कोरोटेनॉयड जो हमारे स्वास्थ्य को सही रखने में मदद करते हैं। ये यौगिक कैंसर, बुढ़ापे, सूजन और मस्तिष्क से संबंधित बीमारियों से बचाते हैं।
• अखरोट खाने से ब्रेन हेल्थ को बेहतर करने में मदद मिलती है। इससे किशोरों और युवाओं की तार्किक क्षमता बढ़ती है।
• अखरोट का सेवन एग्जिमा, सिरोसिस, अस्थमा और रूमेटाइड आर्थराइटिस में भी लाभ फायदेमंद है।
• गर्भवती महिलाओं के लिए अखरोट काफी फायदेमंद है। अगर इस फैटी एसिड से भरपूर डाइट को गर्भवती लेती हैं, तो शिशु में फूड एलर्जी होने की संभावना कम हो जाती है।
• छिलके और गिरी सहित अखरोट को कूट - छानकर, एक चम्मच सुबह-शाम ठंडे पानी में कुछ दिनों तक नियमित रूप से सेवन करने से पथरी मूत्र मार्ग से निकल जाती है।
• तीन अखरोट की गिरी और पांच कली लहसुन की पीसकर और पेस्ट की एक चम्मच मात्रा, गाय के घी में भूनकर सेवन करने से टीबी (यक्ष्मा) के रोग में लाभ होता है।
• कुछ दिनों तक शाम को दो अखरोट गिरी खिलाकर, ऊपर से गाय का दूध पिलाने से बच्चों के पेट के कीड़े मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।
• अखरोट की गिरी को 25 से 50 ग्राम तक की मात्रा में प्रतिदिन खाने से मस्तिष्क शीघ्र ही सबल हो जाता है। आठ अखरोट की गिरी, चार बादाम की गिरी और 10 मुनक्का को रोजाना सुबह के समय खाकर ऊपर से दूध पीने से वृद्धावस्था की निर्बलता दूर हो जाती है।
• सुबह खाली पेट पांच ग्राम अखरोट की गिरी और पांच ग्राम पिसी हुई सोंठ को एक चम्मच एरंड के तेल में पीसकर गुनगुने पानी से लेने से घुटने का दर्द दूर हो जाता है।
• अखरोट के पेड़ की छाल को पीसकर सूजन वाले भाग पर लेप की तरह से लगाने से, शरीर के उस भाग की सूजन दूर हो जाती है।
• अखरोट के गुणों के संबंध में यह एक सामान्य जानकारी है। यदि अखरोट को औषधि के रूप में उपयोग में लाना है, तो किसी योग्य आयुर्वेदाचार्य अथवा चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।