Health : शरीर को निरोग रखने में फायदेमंद हैं तरबूज के बीज!
भारत
चेतना मंच
05 May 2022 04:51 PM
विनय संकोची
Health: संस्कृत में कालिन्द, पंजाबी में मतीरा गुजराती में तड़बूज, बांग्ला में तरमुज, अंग्रेजी में वाटर मेलन और हिंदी में तरबूज के चिकने हरे आवरण के अंदर लाल गूदा और गूदे में काले या सफेद बीज होते हैं। तरबूज सदियों से भारतीयों का प्रिय फल रहा है। तरबूज में तमाम ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को निरोग रखने में सहायक हैं। तरबूज के 100 ग्राम गूदे से 36 केलोरी ऊर्जा मिलती है, जबकि तरबूज के 100 ग्राम बीजों से 514 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। कहने का मतलब यह है कि तरबूज ही नहीं उसके बीज भी बहुत गुणकारी होते हैं। तरबूज खाकर उसके बीजों को यूंही डस्टबिन में डाल देने का अर्थ है कि हम अनेक रोगों के उपचार में इस्तेमाल हो सकने वाली औषधि को फेंक रहे हैं।
हो सकता है आपको जानकारी हो या नहीं भी हो कि तरबूज के बीज प्रोटीन(Protein) कार्बोहाइड्रेट(Carbohydrate) , कैल्शियम(Calcium) , आयरन(Iron), मैग्नीशियम(Magnisium) , फॉस्फोरसPhosphorus), पोटेशियम(potassium), सोडियम(Sodium) , जिंक(Zinc), कॉपर(Copper) , मेगनीज(Manganese), नियासिन(Niacin), फॉलेट(Folate), ओमेगा-3(Omega-3) , ओमेगा-6 (Omega-6),फैटी एसिड (Fatty Acids) आदि पोषक तत्वों के बहुत अच्छे स्रोत होते हैं। तरबूज के पोषक तत्वों से भरपूर बीजों को कई तरह से अपने आहार में शामिल किया जा सकता है। जैसे कि तरबूज के बीजों को भून कर खा सकते हैं, नमकीन और पोहा में डालकर उसका लाभ ले सकते हैं। तरबूज के बीजों की बर्फी भी बहुत स्वादिष्ट होती है। इसकी चिक्की भी बनाई जा सकती है। तरबूज के बीजों को पानी में उबालकर चाय के तौर पर भी पिया जा सकता है। इन गुणकारी बीजों को छीलकर यूं ही खाया जा सकता है। कहने का मतलब यह कि आप तरबूज के बीजों का जैसे चाहे सेवन कर सकते हैं, इनके गुणों का उपयोग कर सकते हैं।
आइए जानते हैं लाल तरबूज के काले बीजों के गुण और उपयोग के बारे में -
• आजकल दिल के मरीजों की संख्या में अच्छी खासी वृद्धि हो रही है। तरबूज के बीज एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidants) के रूप में काम करके दिल की सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स के अच्छा स्रोत होने के कारण तरबूज के बीज स्ट्रोक की आशंका और दिल के दौरे की संभावना को कम करने का काम बखूबी कर सकते हैं।
• तरबूज के बीज मानसिक स्वास्थ्य को भी दुरुस्त रखने का काम करते हैं। इन बीजों में पाया जाने वाला ग्लूटामिक एमिनो एसिड(Glutamic Amino Acids) दिमाग को सतर्क-सचेत और मूड को अच्छा रखता है। इतना ही नहीं तरबूज के बीजों के नियमित सेवन से बढ़ती आयु में भूलने की समस्या में चमत्कारी रूप से सुधार होता है।
• मधुमेह का रोग महामारी का रूप धारण करता जा रहा है। एक मुट्ठी तरबूज के बीजों को एक लीटर पानी में डालकर 15-20 मिनट तक उबालने से बनी 'चाय' के प्रतिदिन नियमित सेवन से मधुमेह (Diabetes) नियंत्रित रहता है।
• लंबी बीमारी से आई कमजोरी को दूर करने में तरबूज के बीज बहुत मददगार होते हैं।
• आयरन और खनिजों से भरपूर तरबूज के बीज इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट करने में सहायता करते हैं। इनमें पाया जाने वाला विटामिन बी कांपलेक्स भी इस संबंध में शरीर की मदद करता है।
• तरबूज के बीजों के नियमित सेवन से हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है। तांबा(Copper), पोटेशियम (Potassium)और मैग्नीशियम(Magnesium) से भरे पूरे तरबूज के बीज ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)जैसे घातक विकार से भी छुटकारा दिला सकते हैं।
• तरबूज के बीजों में प्रचुर मात्रा में मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट विटामिन सी अस्थमा के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। अस्थमा रोगी तरबूज के बीजों का नियमित सेवन कर लाभ उठा सकते हैं।
• तरबूज के बीजों में लाइकोपीन नामक एक कार्बनिक रासायनिक यौगिक होता है, जो प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआत अथवा विकास को रोकने में सहायक माना जाता है।
• तरबूज के बीजों में पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार करने का अद्भुत गुण होता है। इनमें जिंक पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है और जिंक के सेवन से पुरुषों के शुक्राणुओं की गुणवत्ता में वृद्धि हो सकती है।
• तरबूज के बीज में फाइबर की तो प्रचुर मात्रा पाई ही जाती है, साथ ही इसमें लैक्सेटिव भी विद्यमान होता है। इसलिए माना जाता है कि तरबूज के बीजों के नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत बनता है, कब्ज़ से भी छुटकारा मिलता है।
• तरबूज के बीजों का काढ़ा बनाकर उससे त्वचा को साफ बनाया जा सकता है इन बीजों का नियमित सेवन से त्वचा स्वस्थ और स्निग्ध रहती है।
• तरबूज के बीजों में एंटी एजिंग गुण भी पाए जाते हैं, इनके नियमित संतुलित मात्रा में सेवन से बुढ़ापे की तेज गति को रोकने में सहायता मिल सकती है।
जरूरी बात : तरबूज के बीजों में बहुत अधिक सेवन से पेट में मरोड़ जी मिचलाने डायरिया हाइपरकलेमिया की शिकायत हो सकती है। सावधानी बरतें। विशेष : यहां तरबूज के बीजों के जो घरेलू नुस्खे या उपाय-उपयोग बताए गए हैं, वे विशुद्ध सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। इनकी सफलता का हम कोई दावा नहीं करते हैं।चिकित्सक के परामर्श के बिना रोगोपचार में तरबूज के बीजों का औषधि के रूप में उपयोग हानिकारक साबित हो सकता है।