Saturday, 13 July 2024

हिंदी दिवस 14 सितम्बर- कैसे हुई इस दिन को मनानें की शुरुआत, क्या थी इसके पीछे की वजह

14 सितम्बर 2021 आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। हमारे देश में प्रतिवर्ष…

हिंदी दिवस 14 सितम्बर- कैसे हुई इस दिन को मनानें की शुरुआत, क्या थी इसके पीछे की वजह

14 सितम्बर 2021 आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। हमारे देश में प्रतिवर्ष 14 सितंबर का दिन हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने के पीछे का उद्देश्य अपनी राष्ट्रभाषा की महत्वता को समझना है। 14 सितंबर के दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाने के पीछे की एक खास वजह यह भी है कि 14 सितंबर के दिन ही हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित किया गया था।

15 अगस्त 1947 में जब हमारा देश अंग्रेजों के शासन से आजाद हुआ, तो देश के सामने राष्ट्रभाषा के चुनाव को लेकर एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। जैसा कि हम सभी जानते हैं हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है। हर जाति एवं धर्म के लोग यहां रहते हैं। अलग-अलग प्रांतों की अलग-अलग भाषाएं हैं। ऐसे में सैकड़ों भाषाओं में से किसी एक भाषा को राष्ट्रभाषा के रूप में चुनना कठिन हो रहा था। काफी सोच विचार करने के बाद हिंदी को राष्ट्रभाषा के तौर पर स्वीकार करने का फैसला किया गया।

14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा घोषित किया गया। इसके बाद उस समय प्रधानमंत्री पद पर आसीन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने यह फैसला लिया कि प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। हालांकि हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत साल 1953 में हुई। 14 सितंबर 1953 को भारत ने अपना पहला हिंदी दिवस मनाया।

कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। हिंदी को राजभाषा चुनने पर देश के कुछ हिस्सों में विद्रोह की भावना उत्पन्न हो गई। हालांकि इन दंगों का कोई फायदा नहीं हुआ। और हिंदी ही राजभाषा के रूप में जानी जाती है।

हिंदी हमारी राजभाषा है और हमें अपनी राजभाषा का सम्मान करना चाहिए। आज के दौर में लोग अंग्रेजी भाषा के पीछे भागते नजर आ रहे हैं। समय के साथ कदम मिलाना गलत नहीं है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि हम अपनी सभ्यता और संस्कृति को भूलते जाए। हिंदी दिवस का यह दिन हमें याद दिलाता है कि, हमें अपनी राजभाषा का सम्मान करना चाहिए और इसे आगे बढ़ाने के लिए अपना योगदान देना चाहिए।

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