Hindi Kavita –
इस कल को किसने जाना है,
व्यतीत अतीत नहीं आता।
आने वाला कल अनजाना है,
बस वर्तमान को ही जाना है।
इसमें ही तो सारा जीवन है,
जिसको हमने अब जाना है।
अनजाने को जान नही पाये,
बीते पल को लौट न आना है।
जो करना है वह आज करो,
नहीं पीछे तो फिर पछताना है।
नही जीवन फिर यह पाना है,
बस समय का आना जाना है।
उषा सकसेना
————————————————
यदि आपको भी कहानी, कविता, गीत व गजल लिखने का शौक है तो उठाइए कलम और अपने नाम व पासपोर्ट साइज फोटो के साथ भेज दीजिए। चेतना मंच की इस ईमेल आईडी पर- chetnamanch.pr@gmail.com
हम आपकी रचना को सहर्ष प्रकाशित करेंगे।
देशविदेश की खबरों से अपडेट रहने लिए चेतना मंच के साथ जुड़े रहें।देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुकपर लाइक करें या ट्विटरपर फॉलो करें।