
दूर क्यों हो मुझसे इतना आ जाओ पास मेरे मुझे सीने से दू लगाओ और चूम लो हाथ मेरे। पल भर को भी ना ओझल हो आंखों से धड़कते रहो दिल में धड़कनों के साथ मेरे। अच्छे हो या बुरे हो हर हाल में तुम मेरे हों फर्क नहीं पड़ता खुशी या ग़म में हो हालात मेरे। होंठों को चूमने की नहीं ख्वाहिश हैं मेरी तेरे आंखों की तलब और तलाश हों तुम मेरे। रिश्ते बहुत हैं जिंदगी के सफर में पास मेरे रूह तुझा हैं तुम ही चूम लो जज्व मेरे।
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