Hindi Kavita –
मेरे जिस्म की रूह हो तुम,
बेखयाली में भी खयाल हो तुम,
नींद में सपने हो तुम !
गैरों में अपने हो तुम,
दिल की धड़कन हो तुम,
हर मुस्कुराहट में बसते हो तुम !
कभी हंसाते हो तुम,
कभी रुलाते हो तुम,
हर पल याद आते हो तुम !!
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