Hindi Kavita –
प्यास लगी थी गजब की, मगर पानी में जहर था,
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते !
बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए,
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए !
वक़्त ने कहा, काश थोड़ा और सब्र होता,
सब्र ने कहा, काश थोड़ा और वक़्त होता !
शिकायतें तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,
पर चुप इसलिये हूं कि, जो दिया तूने,
वो भी बहुतों को नसीब नहीं होता...!!
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