
Hindi Kavita – नश्वर
जीवन तो है बहती नदियां, लौटेगा ना बहता पानी। एक दिन सागर में मिलना है, इस जीवन की यही कहानी।।
साँसें सबकी गिनती की हैं, ढलती जाती रोज़ जवानी।। कोई हमें ना याद रखेगा, आज मरे कल बात पुरानी।।
तेरा मेरा फिर क्यों करते, मिट्टी भी जब संग ना जानी। जाना सब को रिक्त हाथ है, कर लो कितनी भी मनमानी।।
थोड़ी ही अब उम्र बची है, जान सभी की एक दिन जानी। किसको रहना सदा यहाँ पर, मरना तो है रीत पुरानी।।
हाँ कुछ दिन सब याद करेंगे, फिर सूखेगा आँख का पानी। घर में एक तस्वीर टंगेगी, हो जाएगी ख़त्म कहानी।।
- नवीन जैन
———————————————— यदि आपको भी कविता, गीत, गजल और शेर ओ शायरी लिखने का शौक है तो उठाइए कलम और अपने नाम व पासपोर्ट साइज फोटो के साथ भेज दीजिए चेतना मंच की इस ईमेल आईडी पर- chetnamanch.pr@gmail.com हम आपकी रचना को सहर्ष प्रकाशित करेंगे।