Hindi Kavita –
छुटकी अपने भाई की, थाल सजाएं राखी की,
प्यार और स्नेह से, ली बलाएं भाई की।
चंदन, रोली, हल्दी का, तिलक लगाई माथे पर,
आरती लेकर राखी बांधी, भाई की कलाई पर।
भाई का स्नेहिल मन, भाव विभोर हो उठा,
बहना का उत्साह देख, ममता से भर गया ह्रदय।
भाई प्यार का तोहफ़ा देकर, बहना का मान किया,
सर पर हाथ रख कर छुटकी को, सौ सौ बार आशीर्वाद दिया।
भाई बहन का प्यार, कभी ना कमजोर होने देता,
कच्चा है यह धागा, प्रेम के जज्बातों से गहरा हुआ।
—————————————
यदि आपको भी कहानी, कविता, गीत व गजल लिखने का शौक है तो उठाइए कलम और अपने नाम व पासपोर्ट साइज फोटो के साथ भेज दीजिए। चेतना मंच की इस ईमेल आईडी पर- chetnamanch.pr@gmail.com
हम आपकी रचना को सहर्ष प्रकाशित करेंगे।
देशविदेश की खबरों से अपडेट रहने लिए चेतना मंच के साथ जुड़े रहें।देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमेंफेसबुकपर लाइक करें याट्विटरपर फॉलो करें।