स्वतंत्र भारद्वाज मामले में जंतर-मंतर विवाद के बाद POCSO FIR से बढ़ा तनाव। हिंदू रक्षा दल ने थाने पहुंचकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, बुलंदशहर से हिरासत के बाद मामला गरमाया।

National News : जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता शुक्रवार को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे और स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ गंभीर धाराओं में गलत तरीके से मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। मामला अब केवल जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट तक सीमित नहीं रह गया है। नाबालिग छात्रा की ओर से सोशल मीडिया पर धमकी और उत्पीड़न की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत अलग FIR दर्ज की है। इससे पहले जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट के मामले में दर्ज FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। National News
यह विवाद जंतर-मंतर पर आयोजित CJP के प्रदर्शन के दौरान हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा अपने पिता के साथ मौजूद थी। इसी दौरान वीडियो बनाने को लेकर कुछ युवकों के साथ कहासुनी हुई और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि छात्रा के पिता को घेरकर उनके साथ मारपीट की गई और सिर पर हमला किया गया। घायल व्यक्ति को उपचार के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में सिर पर चोट की पुष्टि हुई है, हालांकि चोट की गंभीरता को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को भी खारिज किया है और कहा है कि मामले में कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की गई। National News
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज का एक कथित वीडियो सामने आया, जिसमें वह जंतर-मंतर की घटना का जिक्र करते दिखाई दिए। इस वीडियो को लेकर CJP और अन्य संगठनों ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी। इसके बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया। CJP के प्रतिनिधियों और समर्थकों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया तथा पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। National News
विवाद में नया कानूनी मोड़ तब आया जब नाबालिग छात्रा की ओर से सोशल मीडिया पर कथित धमकियों और उत्पीड़न को लेकर शिकायत दी गई। शिकायत में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम भी शामिल बताया गया। इसी शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग को सोशल मीडिया पर धमकियां किसने दीं और इस मामले में किन लोगों की भूमिका रही। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। National News
दूसरी ओर स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को गलत बताया। उनका कहना है कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ गंभीर धाराओं का इस्तेमाल मामले के तथ्यों की पूरी जांच किए बिना किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ केवल आरोपों के आधार पर कार्रवाई न की जाए। उनका दावा है कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कई तथ्यों की जांच होना अभी बाकी है। हालांकि, इन दावों के बीच पुलिस की जांच जारी है और स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामलों में लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होगा। National News
इस पूरे विवाद के बीच 4 सितंबर को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस टीम ने उन्हें बुलंदशहर क्षेत्र से ट्रेस किया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब दिल्ली में CJP समर्थक पुलिस से उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके कुछ घंटों बाद बुलंदशहर में स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। National News
जंतर-मंतर की घटना, नाबालिग की ओर से दी गई ऑनलाइन धमकी की शिकायत, POCSO एक्ट के तहत दर्ज FIR और SC/ST एक्ट की धाराओं को लेकर मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। एक तरफ स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थक पुलिस कार्रवाई को गलत बता रहे हैं, वहीं शिकायतकर्ता पक्ष आरोपों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। दिल्ली पुलिस की जांच में अब यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि जंतर-मंतर पर हुई मारपीट में किसकी क्या भूमिका थी, सोशल मीडिया पर नाबालिग को धमकी देने के आरोपों के पीछे कौन लोग थे और दर्ज की गई विभिन्न धाराओं के संबंध में जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। National News
विज्ञापन