बिहार की राजनीति में 30 साल में बड़ा बदलाव आया है। कभी छोटा भाई रही BJP आज कैसे सबसे बड़ी ताकत बन गई? पढ़िए बिहार की बदलती सियासत की पूरी कहानी।

Bihar Politics : बिहार की राजनीति में पिछले तीन दशकों में ऐसा बदलाव आया है जिसने सत्ता के पूरे समीकरण को बदल दिया। कभी गठबंधन में “छोटे भाई” की भूमिका निभाने वाली भारतीय जनता पार्टी आज राज्य की राजनीति में सबसे मजबूत ताकत बनती दिखाई दे रही है। वहीं लंबे समय तक सत्ता की कमान संभालने वाली जनता दल यूनाइटेड अब कई मौकों पर राजनीतिक रूप से पीछे नजर आती है। सवाल उठ रहा है कि आखिर 30 साल में ऐसा क्या हुआ कि बिहार की राजनीति में ताकत का संतुलन पूरी तरह बदल गया?
1990 के दशक में बिहार की राजनीति पर क्षेत्रीय दलों का दबदबा था। उस दौर में लालू प्रसाद यादव और बाद में नीतीश कुमार जैसे नेताओं का प्रभाव ज्यादा था। उस समय भाजपा को राज्य में मजबूत आधार बनाने के लिए सहयोगी दलों पर निर्भर रहना पड़ता था। गठबंधन की राजनीति में भाजपा को अक्सर “जूनियर पार्टनर” माना जाता था।
बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ 2005 में आया जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में JDU-BJP गठबंधन ने चुनाव जीतकर सरकार बनाई।
इस चुनाव में:
उस समय तक भी यह माना जाता था कि बिहार की राजनीति में नेतृत्व की कमान जेडीयू के हाथ में है।
2014 के लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदलने लगी। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने देशभर में बड़ी जीत हासिल की और बिहार में भी उसका प्रभाव बढ़ने लगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इसी दौर में भाजपा ने:
इन रणनीतियों का असर अगले चुनावों में साफ दिखाई देने लगा।
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा ने अपने सहयोगी दल जेडीयू से ज्यादा सीटें जीतीं।
हालांकि मुख्यमंत्री फिर भी नीतीश कुमार ही बने, लेकिन इस चुनाव ने यह साफ संकेत दे दिया कि गठबंधन में भाजपा का कद अब पहले से कहीं ज्यादा बड़ा हो चुका है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा के उभार के पीछे सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक समीकरण भी हैं।
पिछले दशक में भाजपा ने बिहार में
के बीच अपना प्रभाव बढ़ाया है। इससे पार्टी का वोट बैंक तेजी से मजबूत हुआ।
बिहार की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। एक तरफ भाजपा का तेजी से बढ़ता प्रभाव है, तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल और जेडीयू जैसी पार्टियों की चुनौती भी बरकरार है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनावों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा बिहार में पूरी तरह “बड़े भाई” की भूमिका में आ पाएगी या फिर राज्य की गठबंधन राजनीति कोई नया मोड़ लेगी।
करीब 30 साल पहले बिहार में जो भाजपा सिर्फ सहयोगी दल के रूप में जानी जाती थी, वही आज राज्य की राजनीति की सबसे प्रभावशाली ताकतों में गिनी जा रही है। बिहार की यह बदलती सियासत आने वाले चुनावों में और भी दिलचस्प होने वाली है। Bihar Politics