कौन हैं वो 8 सांसद, जिन्हें पूरे सत्र से सस्पेंड किया गया?
सभी पर आरोप है कि उन्होंने सदन की मर्यादा भंग की और कार्यवाही में बाधा पहुंचाई। कार्रवाई के बाद निलंबित सांसदों ने संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुरदीप सिंह औजला ने निलंबन को गलत कदम बताते हुए कहा कि वे इस फैसले का विरोध करेंगे और जनता की आवाज उठाते रहेंगे।

Lok Sabha MP Suspension : मंगलवार को संसद की कार्यवाही के दौरान लोकसभा का माहौल अचानक गरमा गया। नेता विपक्ष राहुल गांधी को टोके जाने के बाद विपक्षी सांसदों का आक्रोश खुलकर सामने आया और आरोप है कि इसी बीच स्पीकर की ओर कागज उछाले गए। हालात बिगड़ते देख स्पीकर ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत सख्त कदम उठाया और 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
किन सांसदों पर गिरी गाज?
निलंबित किए गए सांसदों में मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर राजा वडिंग, हिबी ईडन, किरण रेड्डी, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेश्वरन और जीन कोरियाकोस शामिल हैं। सभी पर आरोप है कि उन्होंने सदन की मर्यादा भंग की और कार्यवाही में बाधा पहुंचाई। कार्रवाई के बाद निलंबित सांसदों ने संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुरदीप सिंह औजला ने निलंबन को गलत कदम बताते हुए कहा कि वे इस फैसले का विरोध करेंगे और जनता की आवाज उठाते रहेंगे। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें बोलने से रोका गया, जबकि सरकार का पक्ष है कि हंगामा और अमर्यादित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। घटनाक्रम के बाद भाजपा की ओर से स्पीकर से औपचारिक शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई। पार्टी ने सदन में हंगामा करने और स्पीकर की ओर कागज उछालने की घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग रखी थी।
राहुल गांधी के बयान पर अड़े रहने से बढ़ा तनाव
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देकर सदन में अपनी बात रखना चाहते थे। लेकिन स्पीकर के बार-बार हस्तक्षेप के बाद वह अपने मुद्दे पर डटे रहे और लगातार उसी संदर्भ को दोहराते नजर आए। जैसे-जैसे बहस तेज होती गई, वैसे-वैसे शोर-शराबा भी बढ़ता चला गया और अंततः व्यवधान की स्थिति इतनी बिगड़ी कि लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। Lok Sabha MP Suspension
Lok Sabha MP Suspension : मंगलवार को संसद की कार्यवाही के दौरान लोकसभा का माहौल अचानक गरमा गया। नेता विपक्ष राहुल गांधी को टोके जाने के बाद विपक्षी सांसदों का आक्रोश खुलकर सामने आया और आरोप है कि इसी बीच स्पीकर की ओर कागज उछाले गए। हालात बिगड़ते देख स्पीकर ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत सख्त कदम उठाया और 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
किन सांसदों पर गिरी गाज?
निलंबित किए गए सांसदों में मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर राजा वडिंग, हिबी ईडन, किरण रेड्डी, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेश्वरन और जीन कोरियाकोस शामिल हैं। सभी पर आरोप है कि उन्होंने सदन की मर्यादा भंग की और कार्यवाही में बाधा पहुंचाई। कार्रवाई के बाद निलंबित सांसदों ने संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुरदीप सिंह औजला ने निलंबन को गलत कदम बताते हुए कहा कि वे इस फैसले का विरोध करेंगे और जनता की आवाज उठाते रहेंगे। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें बोलने से रोका गया, जबकि सरकार का पक्ष है कि हंगामा और अमर्यादित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। घटनाक्रम के बाद भाजपा की ओर से स्पीकर से औपचारिक शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई। पार्टी ने सदन में हंगामा करने और स्पीकर की ओर कागज उछालने की घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग रखी थी।
राहुल गांधी के बयान पर अड़े रहने से बढ़ा तनाव
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देकर सदन में अपनी बात रखना चाहते थे। लेकिन स्पीकर के बार-बार हस्तक्षेप के बाद वह अपने मुद्दे पर डटे रहे और लगातार उसी संदर्भ को दोहराते नजर आए। जैसे-जैसे बहस तेज होती गई, वैसे-वैसे शोर-शराबा भी बढ़ता चला गया और अंततः व्यवधान की स्थिति इतनी बिगड़ी कि लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। Lok Sabha MP Suspension












