
How to be a Professor : नई दिल्ली। शिक्षा जगत के लिए एक अच्छी खबर प्रकाश में आई है। खबर यह है कि अब आपको किसी भी शिक्षण संस्थान में सहायक प्रोफेसर बनने के लिए PhD करना जरुरी नहीं रह गया है। उच्च शिक्षा विभाग की सबसे बड़ी संस्था विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने नए नियम घोषित कर दिए हैं।
आपको बता दें कि सहायक प्रोफेसर की भर्ती के मामले में यूजीसी ने अपना ही पुराना नियम बदल दिया है। अभी तक नियम यह था कि किसी भी शिक्षण संस्थान निजी या सरकारी में सहायक प्रोफेसर बनने के लिए PhD करना जरुरी था। अब पीएचडी करने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। UGC के सचिव प्रो. मनीष जोशी ने बताया कि वर्ष 2021 से सहायक प्रोफेसर की भर्ती में PhD को अनिवार्य कर दिया गया था। इस नियम के कारण कुछ कठिनाईयां आ रही थी। अब PhD की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया हैं
यूजीसी के अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने बताया कि सहायक प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नए नियम में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) राज्य पात्रता परीक्षा (एसईटी) और राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (एसएसएलईटी) की परीक्षाएं पास करना उच्च शिक्षा संस्थानों में सीधी भर्ती के लिए अब न्यूनतम पात्रता होगी। संभावना जताई जा रही है कि इस नए बदलाव से बड़ी संख्या में सहायका प्रोफेसर भर्ती हो सकेंगे। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि देशभर में प्रोफेसर एवं सहायक प्रोफेसरों की भारी कमी है। How to be a Professor