
Kolkata Law Student Gangrape : दक्षिण कोलकाता स्थित एक प्रमुख लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक बलात्कार की घटना ने न केवल शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी उजागर किया है कि कॉलेज परिसरों में छात्राएं कितनी असुरक्षित महसूस कर सकती हैं। 24 वर्षीय पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई FIR में जो आरोप लगाए गए हैं, वे बेहद गंभीर हैं। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो वर्तमान छात्र और एक पूर्व छात्र शामिल है।
FIR के अनुसार, घटना के दिन आरोपी छात्र ने पीड़िता को यूनियन रूम के बाहर बुलाया। बातचीत के दौरान उसने कहा कि वह कॉलेज के पहले दिन से ही उसे पसंद करता है और अपनी पूर्व प्रेमिका के बाद अब वह उसी से प्रेम करता है। इसी दौरान उसने विवाह का प्रस्ताव भी रखा। यह सब तब हुआ जब कॉलेज परिसर लगभग खाली हो चुका था।शाम करीब 6:10 बजे, बाकी छात्र-छात्राएं घर लौटने लगे थे, तभी आरोपी ने छात्रा से थोड़ी देर रुकने का आग्रह किया।
पीड़िता का आरोप है कि जैसे ही वह कमरे से निकलने को हुई, आरोपी ने अपने दो साथियों को संकेत देकर कमरे से बाहर भेजा और दरवाजा बंद करा दिया। इसके बाद वह उसे खींचते हुए वॉशरूम के पास ले गया, जहां जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की गई। मैंने उसके पैर छुए, विनती की, बार-बार जाने देने की गुहार लगाई... लेकिन उसने एक न सुनी,"— एफआईआर में दर्ज इस बयान ने पूरे घटनाक्रम की बर्बरता को स्पष्ट कर दिया है।
छात्रा के मुताबिक, विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकाया कि अगर वह किसी को बताएगी तो उसके बॉयफ्रेंड की हत्या कर देगा और उसके माता-पिता को जेल भिजवा देगा। साथ ही, पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और उसे ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल किया गया। उसने मुझे दो अश्लील वीडियो दिखाए, जो घटना के दौरान बनाए गए थे। कहा— जब बुलाऊं, आना पड़ेगा... वरना ये वीडियो सबके सामने लीक कर दूंगा।
छात्रा ने यह भी बताया कि आरोपी ने उसे हॉकी स्टिक से पीटने की कोशिश की। घटना के बाद छात्रा किसी तरह रात 10:05 बजे कमरे से बाहर निकलने में सफल हो सकी। जाते-जाते आरोपी ने उसे चेतावनी दी कि वह इस बारे में किसी से कुछ न कहे।हालांकि, साहस जुटाकर पीड़िता ने उसी रात अपने माता-पिता को पूरे मामले की जानकारी दी। अगले दिन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
पुलिस ने इस मामले में कॉलेज के ग्रुप डी कर्मचारी मोनोजीत मिश्रा (31), छात्र जैब अहमद (19) और पूर्व छात्र प्रमित मुखर्जी (20) को गिरफ्तार किया है। तीनों को अलीपुर की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई है, जिससे मामला और भी मजबूत हो गया है। Kolkata Law Student Gangrape