26 जनवरी से पहले सरकार मानी तो हम चले जाएंगे: राकेश टिकैत
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 03:17 AM
गाजियाबाद/नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन के राष्टï्रीय प्रवक्ता व किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि 26 जनवरी से पहले तक अगर सरकार मान जाएगी तो हम चले जाएंगे। सरकार ने घोषणा की है तो वो प्रस्ताव ला सकते हैं लेकिन एमएसपी और 700 किसनों की मृत्यु भी हमारा मुद्दा है। सरकार को इसपर भी बात करनी चाहिए। उन्होंने चुनाव के विषय पर कहा कि हम चुनाव आचार संहिता लगने के बाद इस पर बताएंगे।
नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बावजूद एमएसपी पर कानून बनाने समेत 6 मांगों को लेकर किसान प्रदर्शनकारी दिल्ली-एनसीआर के बार्डर पर डटे हुए हैं। इस बीच तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध प्रदर्शन यानी किसान आंदोलन के एक साल पूरा होने पर संयुक्त किसान मोर्चा आगामी 26 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर के चारों बार्डर (शाहजहांपुर, टीकरी, सिंघु और गाजीपुर) पर बड़ी सभाएं करेगा। प्रदर्शन के अगले चरण में 29 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने पर न 500 ट्रैक्टर से किसान संसद तक मार्च निकालेंगे।
वहीं आज किसान कानूनों को लेकर मोदी कैबिनेट की बैठक हो रही है। उम्मीद है कि इस बैठक में कानून वापस लेने के प्रस्ताव पर मोहर लग सकती है।
दिल्ली की सीमा पर जुटेंगे एक लाख किसाननई दिल्ली(राष्ट्रीय ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों विवादित कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के बावजूद किसान अभी भी घर लौटने के लिए तैयार नहीं हैं। 26 नवम्बर को आंदोलन की बरसी पर 1 लाख किसान जुटकर अपनी ताकत दिखाएंगे। इसके लिए 10 एकड़ में नया पंडाल सज रहा है।
प्रधानमंत्री की किसानों से घर वापस लौट जाने की अपील के बावजूद किसान संगठन 'दिल्ली चलोÓ के कार्यक्रम पर अड़े हैं। किसान संगठनों द्वारा आंदोलन के एक साल पूरा होने के मौके पर उन्हें राजधानी में एकत्रित होने के लिए कहा जा रहा है। बड़ी संख्या में किसान फिर से दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन ने आ रहे किसानों को अपने पंडाल में समायोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। एक लाख से ज्यादा किसानों के जुटने की संभावना है। इसके लिए 10 एकड़ से अधिक की एक खुली जमीन चिन्हित की जा चुकी है। जहां एक नया पंडाल बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जब तक संसद से कानून वापस नहीं होंगे उनका आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान संसद तक प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च को लेकर भारतीय किसान संघ के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहाकि 29 नवम्बर का ट्रैक्टर मार्च उन रास्तों से निकाला जाएगा,जिन्हें दिल्ली पुलिस ने खोल दिए हैं। उनका इरादा रास्ता बंद करना नहीं बल्कि सरकार से बात करना है। बतादें कि संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया है कि 29 नवम्बर को शीतकालीन सत्र के दौरान 500 किसान शंतिपूर्ण ढंग से संसद तक ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।