यदि नवरात्रों में करें फास्ट तो सिंघाड़े के आटे का करें सेवन
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 02:58 AM
नई दिल्ली। हिन्दू माह के अनुसार नवरात्रि वर्ष में चार बार आती है। चार बार का अर्थ यह कि यह वर्ष के महत्वपूर्ण चार पवित्र माह में आती है। यह चार माह हैं-पौष, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन। उक्त प्रत्येक माह की प्रतिपदा यानी एकम् से नवमी तक का समय नवरात्रि का होता है। अश्विन मास की शुक्ल की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाती है। इस साल 7 अक्टूबर से नवरात्रि का पर्व शुरू हो रहा है। नवरात्रि के 9 दिनों में भक्त मां के 9 रूपों की पूजा-आराधना करते हैं। हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व होता है। नवरात्रि के दौरान भक्त मां को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी करते हैं इस दौरान भक्त मांसाहारी भोजन, शराब, प्याज, लहसुन और कई प्रकार के अनाज, दाल और मसालों से परहेज करते हैं। व्रत में इस्तेमाल होने वाली सबसे लोकप्रिय सामग्री सिंघाड़े का आटा है। सिंघाड़ा जिसे वाटर चेस्टनट के रूप में भी जाना जाता है। सिंघाड़ा एक ऐसा फल है जो बॉडी में पानी की कमी को पूरा करता है। यह आमतौर पर सर्दियों का फल है जिससे पीसकर आटा तैयार किया जाता है जो पूरे साल मिलता है।
आपको बता दें कि सिंघाड़ा पोषक तत्वों से भरपूर होता है जिसमें विटामिन-ए, सी, मैंगनीज, थायमाइन, कर्बोहाईड्रेट, टैनिन, सिट्रिक एसिड, रीबोफ्लेविन, एमिलोज, फास्फोराइलेज, एमिलोपैक्तीं, बीटा-एमिलेज, प्रोटीन, फैट और निकोटेनिक एसिड जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए बेहद गुणकारी होते हैं। सिंघाड़े के फल को सुखाकर उसका आटा बनाया जाता है। यह आटा सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। अगर आप भी इस नवरात्रि फास्ट रखने की सोच रहे हैं तो आप सिंघाड़े के आटे का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें ये हम किस लिए कह रहे हैं आइए जानते हैं।
शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक :
सिंघाड़े के आटे में पोटेशियम अधिक मात्रा में पाया जाता है और सोडियम की मात्रा कम होती है। जो शरीर में पानी को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है।
शरीर को शक्ति प्रदान करने में सहायक :
नवरात्रि के उपवास के दौरान शरीर में कमजोरी आ जाती है तो इस आटे की रोटी शरीर को एनर्जेटिक रखती हैं। सिंघाड़े के आटे में कार्बोहाइड्रेट और एनर्जी को बूस्ट करने वाले तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो सेहत के लिए उपयोगी होते हैं। इसमें पोषक तत्वों के आलावा आयरन, कैल्शियम, जिंक और फॉस्फोरस जैसे तत्व भी मौजूद होते हैं।
वजन को कंट्रोल करने में सहायक :
फाइबर के गुणों से भरपूर सिंघाड़े के आटे से पेट लम्बे समय तक भरा रहता है जिससे आप बार-बार खाने से बचे रहते हैं। इसे खाने के बाद आपको लम्बे समय तक भूख नहीं लगती और आपका वजन संतुलित रहता है।
एंटीऑक्सिडेंट और मिनरल्स से भरपूर :
सिंघाड़े के आटे में एंटीऑक्सिडेंट और मिनरल्स की मात्रा बहुतायत में पाई जाती है। इसके आटे में विटामिन बी 6, पोटैशियम, कॉपर, राइबोफ्लेविन, आयोडीन और मैग्नीज भरपूर मात्रा में होता है जो सेहत के लिए उपयोगी होता है।