इस आईआईटी में अनोखा आविष्कार : पानी और हवा से हर मौसम में बनेगी बिजली
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:09 PM
ऊर्जा संकट से जूझती दुनिया के लिए आईआईटी इंदौर ने एक क्रांतिकारी खोज की है। संस्थान के प्रोफेसरों और छात्रों की टीम ने ऐसा उपकरण तैयार किया है, जो दिन-रात, धूप-छांव और हर मौसम में केवल पानी और वाष्प के सहारे बिजली पैदा कर सकता है। यह आविष्कार आने वाले वर्षों में सतत ऊर्जा उत्पादन की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकता है। IIT Indore :
क्या है यह यूनिक डिवाइस?
आईआईटी इंदौर की सस्टेनेबल एनर्जी एंड एन्वायरन्मेंटल मटेरियल्स लैब में तैयार इस डिवाइस को विशेष मेम्ब्रेन से बनाया गया है। इसमें ग्रैफीन आॅक्साइड और जिंक-इमिडाजोल जैसे पदार्थों का इस्तेमाल हुआ है। खास बात यह है कि यह तकनीक केवल साफ पानी ही नहीं, बल्कि गंदे और खारे पानी में भी काम करती है।
ऐसे बनती है बिजली
आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी बताते हैं कि इस उपकरण को उपयोग करने के लिए मेम्ब्रेन को आंशिक रूप से पानी में डुबो दिया जाता है। पानी धीरे-धीरे ऊपर चढ़ता है और वाष्पित होने लगता है। इस प्रक्रिया में मेम्ब्रेन के दोनों सिरों पर पॉजिटिव और नेगेटिव आयन अलग होकर स्थिर बिजली उत्पन्न करते हैं। जब तक वाष्पीकरण चलता है, तब तक लगातार बिजली मिलती रहती है चाहे दिन हो या रात।
कहाँ होगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह डिवाइस हल्की और पोर्टेबल है। इसलिए इसे जंगलों, खेतों, गांवों और उन इलाकों में इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां बिजली की आपूर्ति मुश्किल होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक कृषि, ग्रामीण विद्युतीकरण, आपातकालीन सेवाओं और छोटे उपकरणों को ऊर्जा देने में बेहद कारगर साबित होगी।
भविष्य की ऊर्जा का नया रास्ता
सौर ऊर्जा और बैटरी पर निर्भरता से आगे बढ़ते हुए यह उपकरण ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के दरवाजे खोलता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होता है तो भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए यह एक गेम-चेंजर टेक्नोलॉजी साबित हो सकती है।