मोदी सरकार ने घुसपैठियों को सबक सिखाने की खाई कसम, संसद में पेश किया नया बिल
Immigration and Foreigners Bill 2025
भारत
RP Raghuvanshi
12 Mar 2025 06:00 PM
Immigration and Foreigners Bill 2025 : भारत में अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रहे विदेशी नागरिकों पर सख्त कार्रवाई के लिए "इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025"संसद में पेश किया गया है। यह विधेयक देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा को प्राथमिकता देता है। इसके लागू होने के बाद अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे और अप्रवासन से जुड़े पुराने कानूनों को खत्म कर एक सशक्त प्रणाली बनाई जाएगी।
इस विधेयक की जरूरत क्यों पड़ी?
- अवैध रूप से रह रहे विदेशियों से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
- कई लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में रहकर गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं।
- मौजूदा अप्रवासन कानून पुराने हो चुके हैं और उन्हें नए जमाने की जरूरतों के हिसाब से अपडेट करना आवश्यक था।
विधेयक के प्रमुख प्रावधान
अवैध रूप से भारत में प्रवेश पर सजा : बिना वैध वीजा या पासपोर्ट के प्रवेश करने पर 5 साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना।
फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करने पर सख्त कार्रवाई : फर्जी कागजात के जरिए भारत में आने या रहने पर 2 से 7 साल की सजा और 1 से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना।
वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर दंड : वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद भारत में रुकने पर 3 साल तक की कैद या 3 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
अवैध रूप से लोगों को लाने-ले जाने पर दंड : यदि कोई ट्रांसपोर्ट सेवा अवैध रूप से किसी व्यक्ति को भारत में लाने या बाहर ले जाने में मदद करती है, तो 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और वाहन जब्त किया जा सकता है।
विदेशियों के लिए अनिवार्य पंजीकरण : भारत आने वाले सभी विदेशी नागरिकों को आगमन पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही उनके ठहरने, नाम बदलने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
खत्म हो जाएंगे ये 4 पुराने कानून
इस विधेयक के लागू होने के बाद निम्नलिखित चार पुराने कानून समाप्त कर दिए जाएंगे जिनमें फॉरेनर्स एक्ट 1946, पासपोर्ट (एंट्री इन इंडिया) एक्ट 1920, रजिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेनर्स एक्ट 1939, इमिग्रेशन एक्ट 2000 शामिल है।
क्या है इसका उद्देश्य?
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में यह विधेयक पेश करते हुए स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य किसी को भारत में आने से रोकना नहीं, बल्कि अप्रवासन से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करना है। हालांकि, इस विधेयक का कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने विरोध किया है।