नितेश राणे के बयान पर सियासी घमासान, ठाकरे गुट का पलटवार

ठाकरे गुट का आरोप है कि नितेश राणे का यह बयान मंत्री पद की शपथ का सीधा उल्लंघन है। अखिल चित्रे ने कहा कि संविधान के अनुसार मंत्री को बिना भेदभाव के काम करना होता है, लेकिन इस तरह के बयान सत्ता के दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण राजनीति को दर्शाते हैं।

The hustle and bustle of Panchayat committee elections
सरकारी तंत्र की निष्पक्षता पर उठे सवाल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Feb 2026 07:33 PM
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Nitesh Rane : महाराष्ट्र में आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की सरगर्मी के बीच राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा के नेता और मंत्री नितेश राणे के एक कथित बयान को लेकर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए राज्यपाल से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, कणकवली के फोंडा निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी जनसभा के दौरान नितेश राणे ने कथित तौर पर कहा कि सरकारी निधि का आवंटन राजनीतिक चिह्नों के आधार पर किया जाएगा। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है और सरकारी तंत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

‘सरकारी खजाना निजी पिगी बैंक नहीं’

बता दें कि शिवसेना (UBT) के नेता अखिल चित्रे ने इस बयान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नितेश राणे पर तंज कसते हुए लिखा कि सरकारी तिजोरी जनता की मेहनत की कमाई से भरी होती है, न कि किसी मंत्री की निजी संपत्ति। चित्रे ने कहा कि सरकारी फंड का वितरण पार्टी, चुनाव चिह्न या राजनीतिक निष्ठा के आधार पर नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि फंड के नाम पर दबाव बनाना और सौदेबाजी करना जनता के साथ विश्वासघात है और यह सोच लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है।

शपथ का उल्लंघन और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

बता दें कि ठाकरे गुट का आरोप है कि नितेश राणे का यह बयान मंत्री पद की शपथ का सीधा उल्लंघन है। अखिल चित्रे ने कहा कि संविधान के अनुसार मंत्री को बिना भेदभाव के काम करना होता है, लेकिन इस तरह के बयान सत्ता के दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण राजनीति को दर्शाते हैं। उन्होंने इसे असंवैधानिक और कानून के खिलाफ करार दिया।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री से सवाल

बता दें कि इस पूरे मामले में शिवसेना (UBT) ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूछा है कि क्या ऐसे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो सरकारी फंड को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की बात कर रहा है। ठाकरे गुट का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की बयानबाजी पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक मिसाल साबित हो सकती है। Nitesh Rane

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छतरपुर में अजीब घटना, धरती से निकली आग, कोर्ट परिसर के पास मचा हड़कंप

छतरपुर जिले में मिट्टी में आग लगने का मामला सामने आया है, जो लोगों में चर्चा का विषय बन गया है। घटना लवकुशनगर थाना क्षेत्र की है वहीं स्थानीय लोग प्रशासन से इसकी जांच की मांग कर रहे है।

The fire in Chhatarpur remains a mystery
छतरपुर की आग बनी रहस्य (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Feb 2026 05:58 PM
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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कोर्ट परिसर के पास जमीन से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। यह हैरान कर देने वाली घटना लवकुशनगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां बीएसएनएल द्वारा अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई की जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन ज्वाइंट के लिए खोदे गए गड्ढे में डाली गई मिट्टी से अचानक धुआं निकलने लगा। कुछ ही पलों में वहां आग की लपटें दिखाई देने लगीं। मौके पर मौजूद लोगों ने जब उत्सुकतावश मिट्टी को हिलाया, तो आग और तेज हो गई, जिससे आसपास मौजूद लोग सहम गए।

घटना से फैली दहशत, जुटी भीड़

बता दें कि अचानक हुई इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले कभी ऐसी घटना नहीं देखी, जहां मिट्टी में आग लग जाए।

गैस रिसाव या रासायनिक प्रतिक्रिया?

बता दें कि मिट्टी में आग लगने की वजह को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे गैस रिसाव से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह किसी रासायनिक प्रतिक्रिया का परिणाम हो सकता है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आंखों देखा हाल

बता दें कि स्थानीय निवासी ने बताया कि हम लोग वहां खड़े थे, तभी अचानक मिट्टी से धुआं निकला और आग जलने लगी। जब मिट्टी को थोड़ा हिलाया गया तो आग और तेज हो गई। यह दृश्य बेहद हैरान करने वाला था। वहीं ब्रजेश ने कहा कि पहली बार देखा है कि मिट्टी में आग लग रही हो। लोग डर गए थे और कोई समझ नहीं पा रहा था कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है, ताकि मिट्टी में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

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सोशल मीडिया पर छा गया शादी की छुट्टी का मामला

पोस्ट में लडक़ी ने लिखा कि उसे दिनभर जूम कॉल्स पर रहना पड़ता है और काम से जुड़े हर घंटे अपडेट देनाी होती है। हर छोटी बात पर नजर रखी जाती है। इतना ही नहीं बल्कि ऑफिस ने जियो फेंसिंग भी शुरू कर दी है, ताकि कोई भी कर्मचारी 120 किलोमीटर से ज्यादा दूर जाकर काम न कर सके।

बॉस की टिप्पणी पर सोशल मीडिया में बहस तेज
बॉस की टिप्पणी पर सोशल मीडिया में बहस तेज
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar02 Feb 2026 03:20 PM
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Marriage leave controversy : सोशल मीडिया पर शादी की छुट्टी का एक मामला तेजी से वायरल हो रहा है। शादी की छुट्टी का यह वायरल मामला एक बहुराष्ट्रीय कंपनी की महिला कर्मचारी तथा कंपनी के मैनेजर के साथ जुड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहे शादी की छुट्टी के इस मामले में सोशल मीडिया के यूजर्स भी अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

क्या है शादी की छुट्टी का वायरल मामला?

आपको बता दें कि बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाली एक लडक़ी ने सोशल मीडिया के ‘‘रेडिट’’ प्लेटफार्म पर एक पोष्ट शेयर की है। पोस्ट में नौकरी करने वाली लड़की ने लिखा है कि अचानक उसके बॉस ने कुछ ऐसा बोला कि वह सुनकर हैरान हो गई। लड़की के मुताबिक सगाई से ठीक पहले ही उनके बॉस ने कहा कि शादी कोई इमरजेंसी नहीं है, काम पर आओ! इस आदेश ने न केवल उनकी खुशी में बाधा डाली बल्कि उसे पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लेवल पर तनाव में डाल दिया।  पोस्ट में लडक़ी ने लिखा कि उसे दिनभर जूम कॉल्स पर रहना पड़ता है और काम से जुड़े हर घंटे अपडेट देनाी होती है। हर छोटी बात पर नजर रखी जाती है। इतना ही नहीं बल्कि ऑफिस ने जियो फेंसिंग भी शुरू कर दी है, ताकि कोई भी कर्मचारी 120 किलोमीटर से ज्यादा दूर जाकर काम न कर सके।

शादी की छुट्टी के लिए पहले ही कर दिया आवेदन

‘‘रेडिट’’ पर पोस्ट लिखने वाली लडक़ी ने बताया कि उसने छुट्टी के लिए दो महीने पहले ही मेल कर दिया था। उसने अपने मैनेजर को अपनी सगाई और शादी को लेकर जानकारी दी थी। लेकिन बावजूद इसके कंपनी की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई थी। लेकिन जैसे ही सगाई और शादी का टाइम करीब आया, तो कंपनी उम्मीद कर रही है कि वीकेंड पर भी काम करें।  लडक़ी ने बताया कि मैंने अपनी जिम्मेदारियों को कभी हल्के में नहीं लिया। काम भी समय पर पूरे किए। लडक़ी ने आगे यह भी बताया कि उसका मैनेजर  उसके काम के बारे में नहीं जानता है और अधिकतर समय पहुंच से बाहर रहता है।

सोशल मीडिया यूजर्स दे रहे हैं लडक़ी का साथ

 सोशल मीडिया रेडिट पर इस पोस्ट को अब तक हजारों लोग पढ़ चुके हैं और अपनी प्रतिक्रिया शेयर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि जब हर चीज हाई प्रायोरिटी होती है, तो कुछ भी प्रायोरिटी नहीं रहता। हालांकि, इस दौरान कुछ ने अपने अच्छे मैनेजर के बारे में भी लिखा है। एक यूजर ने अपने साथ हुई एक घटना के बारे में बताया कि भूल से उसकी मैनेजर ने उसे सगाई वाले दिन कॉल कर दिया था और जब उसे ये बात मालूम चली, तो उसने उससे माफी मांगी थी। Marriage leave controversy

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