राजमा की खेती के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी को सबसे अच्छा माना गया है। खेत की तैयारी के दौरान गहरी जुताई के बाद 2–3 बार हल्की जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बनाना चाहिए। विशेषज्ञ प्रति एकड़ 10–15 टन सड़ी गोबर की खाद डालने की सलाह देते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।

Kidney Bean Farming: रबी सीजन भारतीय किसानों के लिए आय बढ़ाने का बड़ा अवसर लेकर आता है। जहां परंपरागत रूप से किसान गेहूं, चना और सरसों की खेती करते हैं, वहीं अब राजमा की खेती तेजी से किसानों की पसंद बनती जा रही है। कम लागत, बेहतर उत्पादन और बाजार में सालभर बनी रहने वाली मांग के कारण रबी सीजन में राजमा किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही है।
बता दें कि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, राजमा की बुवाई अक्टूबर से नवंबर के बीच करना सबसे उपयुक्त रहता है। इस दौरान तापमान 15 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है, जो फसल की बढ़वार के लिए अनुकूल माना जाता है। समय पर बुवाई करने से पैदावार बढ़ती है और रोगों का खतरा कम होता है।
बता दें कि राजमा की खेती के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी को सबसे अच्छा माना गया है। खेत की तैयारी के दौरान गहरी जुताई के बाद 2–3 बार हल्की जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बनाना चाहिए। विशेषज्ञ प्रति एकड़ 10–15 टन सड़ी गोबर की खाद डालने की सलाह देते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।
बता दें कि उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज का चयन बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी है। बुवाई से पहले बीज को पानी में भिगोने से अंकुरण अच्छा होता है। फसल के लिए प्रति एकड़ 20 किलो नाइट्रोजन, 40 किलो फास्फोरस और 20 किलो पोटाश देना लाभकारी बताया गया है।
बता दें कि राजमा की फसल को अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, बीज बोने के बाद, फूल आने के समय और फलियां बनने के दौरान सिंचाई करना आवश्यक होता है। खेत में जलभराव से बचाव जरूरी है, अन्यथा जड़ गलन रोग का खतरा बढ़ सकता है।
राजमा की फसल में जड़ गलन, पत्ती झुलसा और चूसक कीटों का प्रकोप देखा जाता है। इससे बचाव के लिए बीज उपचार और समय-समय पर जैविक या रासायनिक छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजमा की औसत पैदावार 8 से 10 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है। वर्तमान बाजार में राजमा का भाव 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक चल रहा है। ऐसे में किसान एक एकड़ से 80 हजार से 1.5 लाख रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं।
बाजार में लाल राजमा, कश्मीर राजमा, सफेद राजमा और बदरपुर किस्म की मांग अधिक देखी जा रही है। खासतौर पर कश्मीर राजमा बड़े दानों और स्वाद के कारण ऊंचे दाम पर बिकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से राजमा की खेती करें, तो रबी सीजन में यह फसल उनकी आमदनी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है। Kidney Bean Farming