Independence Day 2025: इस गाने के बिना अधूरा है 15 अगस्त
भारत
चेतना मंच
14 Aug 2025 10:26 AM
हर साल जब 15 अगस्त का सूरज उगता है तो देशभक्ति का एक अलग ही रंग पूरे भारतवर्ष में छा जाता है। झंडे की शान, देश की आन और शहीदों की कुर्बानी को याद करने का ये दिन हर भारतीय के लिए बेहद खास होता है। 2025 में भारत अपनी आजीदी के 79 साल पूरे कर रहा है। जहां एक ओर स्कूलों और कॉलोनियों में देशभक्ति के रंग बिखरते हैं वहीं दूसरी ओर एक खास चीज होती है जो हर किसी के दिल में राष्ट्रप्रेम का जोश भर देती है और वो हैं देशभक्ति से लबरेज गाने। लता मंगेशकर की आवाज में 'ए मेरे वतन के लोगों' हो या 'ऐसा देश है मेरा' हर धुन दिल छू जाती है। लेकिन एक गाना ऐसा है जो आज भी हर स्वतंत्रता दिवस पर बार-बार बजता है और वो गाना है-
"जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा…"
वो गाना जिसे सुनकर रगों में दौड़ जाता है देशभक्ति का खून
1965 में आई फिल्म 'सिकंदर-ए-आजम' का ये सुपरहिट गाना आज भी देशभक्ति गीतों की लिस्ट में सबसे ऊपर है। इस गाने को अपनी जादुई आवाज दी थी मोहम्मद रफी ने और संगीतबद्ध किया था हंसराज बहल ने। गाने की शुरुआत में मात्र 53 सेकंड का एक संस्कृत श्लोक है-"गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः…" जो इसे बाकी गीतों से अलग और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जोड़ता है। इसके बाद जो बीट और मेलोडी आती है, वो हर भारतीय के दिल को छू जाती है और एक गर्व का एहसास कराती है।
फिल्म ‘सिकंदर-ए-आजम’ की चमकदार स्टारकास्ट
इस गीत को पर्दे पर दारा सिंह और पृथ्वीराज कपूर जैसे दिग्गजों पर फिल्माया गया था। इस ऐतिहासिक फिल्म में और भी कई सितारे थे मुमताज, वीना, जीवन, मधुमती, हेलन, प्रेमनाथ और प्रेम चोपड़ा जैसे नामों ने फिल्म को यादगार बना दिया था। निर्देशन किया था केदार कपूर ने। 'सिकंदर-ए-आजम' महज एक फिल्म नहीं थी, बल्कि एक ऐसा सिनेमा अनुभव था जिसने भारत के अतीत, गर्व और आत्मबल को परदे पर उतारा।
आज जब देश भर में आजादी का जश्न मनाया जाता है, तो ये गीत जैसे हर गली, हर स्कूल, हर समारोह में अनिवार्य सा बन चुका है। 60 साल पुराना होने के बावजूद इसकी गूंज आज भी उतनी ही ताजा और असरदार है। ये गाना सिर्फ एक धुन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक बन चुका है। Independence Day 2025