
India News /नई दिल्ली। सब जानते हैं कि हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तान आए दिन भारत से विवाद बढ़ाने के बहाने खोजता रहता है। ताजा मामला भी कुछ इसी प्रकार है। हुआ यह है कि भारत के नए संसद भवन में लगाए गए अखंड भारत के नक्शे को देखकर पाकिस्तान के नेताओं के पेट में दर्द होने लगा। इसी दर्द के कारण वहां की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने अनाप-शनाप बयान दे डाला।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि भारत का यह कदम उसकी विस्तारवादी मानसिकता को दर्शाता है, जो न केवल भारत के पड़ोसियों बल्कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की विचारधारा और संस्कृति को भी अपने अधीन करना चाहता है. पाकिस्तान ने कहा था कि हम भारत से आग्रह करते हैं कि वह विस्तारवादी नीति से दूर रहे और शांतिपूर्ण तरीके से अपने पड़ोसी देशों के साथ विवादों को सुलझाए। पाकिस्तान के इस बयान पर आज गुरूवार को भारत के विदेशी मंत्री एस जयशंकर ने करारा जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संसद में लगाई गई अखंड भारत की तस्वीर अशोक सम्राज्य की सीमा को दर्शाती है। पाकिस्तान इस बात को नहीं समझ सकता है क्योंकि उसके पास समझने की शक्ति नहीं है।
दरअसल, हाल ही में 28 जून को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नए संसद भवन का उद्घाटन किया था। नए संसद भवन में एक भित्ति चित्र लगी है जिसे 'अखंड भारत' का नक्शा कहा जा रहा है। इस नक्शे में गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी के साथ-साथ तक्षशिला को भी दिखाया गया है। इस भित्ति चित्र में प्राचीन नगरों के नाम भी अंकित हैं। इस नक्शे में पुरूषपुर, सौवीर और उत्तराप्रस्थ को भी दर्शाया गया है। यह वर्तमान में पाकिस्तान का पेशावर और सिंध और बलूचिस्तान प्रांत हैं।
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयशंकर से पूछा गया कि संसद भवन में लगे नक्शे पर नेपाल, भूटान और पाकिस्तान ने चिंता जताई है। इस पर उन्होंने कहा, "संसद में लगी भित्ति अशोक सम्राज्य की सीमा को दर्शाता है। हमने उन्हे बता दिया है और वो समझ गए हैं। पाकिस्तान को छोड़ दीजिए, उनके पास समझने की शक्ति नहीं है।"
इसके अलावा जयशंकर ने यह भी कहा कि पीओके पर हम बहुत स्पष्ट हैं। देश, संसद और हमारा रुख बदलने वाला नहीं है। India News