पानी के रास्ते पहुंचता है भारत में मौत का सामान, दो हजार करोड़ मूल्य का सामान जब्त
International News
भारत
चेतना मंच
29 Feb 2024 06:56 PM
दुनिया में मौत का सामान बेचने वाले अनेक सौदागर सक्रिय हैं। भारत में मौत का सामान पानी (समुद्र) के रास्ते से होकर आता है। बताया जा रहा है कि समुद्र मार्ग से हर रोज भारत में सैकड़ों करोड़ रूपए मूल्य का सामान आता है। बुधवार को भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने दो हजार करोड़ रूपए मूल्य का मौत का सामान पकड़ा है। इतनी बड़ी मात्रा में भारत में मौत के सामान की यह पहली बरामदगी है। मौत के सामान को लेकर दुनिया भर में बड़ी चर्चा चल रही है।
क्या होता है मौत का सामान
आपको बता दें कि आमतौर पर हथियारों, गोला बारूद तथा घातक जहर को मौत का सामान कहा जाता है। आज हम जिस मौत के सामान की चर्चा कर रहे हैं। दरअसल वह मीठे जहर के रूप में भारत ही नहीं दुनिया भर में बिकने वाला मौत का सामान है। जी हां हम बात कर रहे हैं खतरनाक नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की। ड्रग्स एक ऐसा मौत का सामन है जो इसका सेवन करने वाले की जान लेकर ही छोड़ता है। ऐसा मौत का सामान हमारे पड़ोसी देश पानी (समुद्र मार्ग) के रास्ते भारत में भेजते हैं। बुधवार को गुजरात तट के पास समुद्र से दो हजार करोड़ रूपए मूल्य का मौत का सामान (ड्रग्स) जब्त किया गया है।
कहां से पकड़ा गया मौत का सामान
बुधवार को दो हजार करोड़ रूपए मूल्य (कीमत) का मौत का सामान भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ा है। भारत सरकार ने इस मौत के सामान को जब्त करने की जानकारी दी है। भारत सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसते हुए भारतीय एजेंसियों ने गुजरात तट के पास अरब सागर में ईरानी नौका से 3,300 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), नौसेना व गुजरात पुलिस के आतंक निरोधी दस्ते ने साझा अभियान में नशीले पदार्थों का जखीरा बरामद करने के साथ पांच विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। समुद्र में अब तक बरामद नशीले पदार्थों की यह सबसे बड़ी खेप है। इससे पहले, पिछले साल केरल तट के पास 2,500 किलो ड्रग्स पकड़ी गई थी।
एनसीबी महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि जब्त ड्रग्स के पैकटों पर पाकिस्तानी कंपनी 'रास अवाद गुड्स' की मुहर लगी है। खेप ईरान के चाबहार बंदरगाह से रवाना हुई थी। प्रधान ने कहा, कुछ वर्षों में समुद्री प्रधान मार्ग से ड्रग्स की तस्करी बढ़ी है। इसलिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
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