महाराष्ट्र बजट 2026: मुंबई के विकास में नई ऊर्जा, जानिए क्या मिला है खास

बजट में सामाजिक पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। धारावी पुनर्विकास परियोजना को नई गति मिलेगी, जबकि पूरे मुंबई में SRA के तहत झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

Maharashtra Budget To Make Over Mumbai
'मुंबई 3.0' के साथ 51 हजार करोड़ का ऐतिहासिक निवेश (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Mar 2026 07:02 PM
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Maharashtra Budget To Make Over Mumbai: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में पेश किए गए बजट 2026-27 में मुंबई को एक विशाल वित्तीय पैकेज की सौगात दी है। 'विजन 2047' के तहत पेश की गई 'मुंबई 3.0' की अवधारणा के साथ, सरकार ने शहर के कायाकल्प के लिए 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की घोषणा की है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य मुंबई की कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर पुनर्स्थापित करना है।

बड़ी घोषणाएं: परिवहन और कनेक्टिविटी

बजट में परिवहन क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के लिए भारी राशि का आवंटन किया गया है, जिससे मुंबई के यातायात को दूर करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • मेट्रो लाइन 11:वडाला से गेटवे ऑफ इंडिया तक बनने वाली इस मेट्रो लाइन के लिए 23,487 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • मेट्रो लाइन 8: मुंबई हवाई अड्डे को नवी मुंबई हवाई अड्डे से जोड़ने वाली इस परियोजना के लिए 22,862 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • सड़क और कोस्टल रोड: कोस्टल रोड के बांद्रा-वरसोवा लिंक और सिवड़ी-वरली कनेक्टर को समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए कंक्रीटीकरण अभियान पर भी हजारों करोड़ रुपये खर्च होंगे।

नए आर्थिक केंद्र और शिक्षा हब

मुंबई के विकेंद्रीकरण और आर्थिक समृद्धि के लिए बजट में कई अहम कदम उठाए गए हैं:

  • स्टार्टअप हब: वडाला में 130 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक स्टार्टअप हब विकसित किया जाएगा, जो नए उद्यमियों और तकनीकी नवाचारों के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में काम करेगा।
  • एजुकेशन सिटी: नवी मुंबई में एक भव्य शिक्षा नगरी (एजुकेशन सिटी) का निर्माण होगा, जहां दुनिया के छह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय अपना कैंपस स्थापित करेंगे।
  • वधवन बंदरगाह: पालघर के पास वधवन बंदरगाह परियोजना को गति दी जाएगी, जिससे मुंबई के पास लॉजिस्टिक्स और व्यापार का एक नया द्वार खुलेगा।

जल सुरक्षा और पर्यावरण

भविष्य में पानी की समस्या से निपटने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं:

  • गार्गई बांध: शहर की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए गार्गई बांध परियोजना को पुनर्जीवित करते हुए 437.51 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • डिसैलिनेशन प्लांट: मनोरी में समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
  • एसटीपी प्लांट: शहर के अपशिष्ट जल उपचार के लिए सात नए एसटीपी प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।

धारावी का चेहरा बदलेगा

बजट में सामाजिक पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। धारावी पुनर्विकास परियोजना को नई गति मिलेगी, जबकि पूरे मुंबई में SRA के तहत झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। इसके अलावा, सार्वजनिक उद्यानों के नवीनीकरण, नए फुटओवर ब्रिज और उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए भी फंड आवंटित किए गए हैं। Maharashtra Budget To Make Over Mumbai

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ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

इस विशेष प्रदेश की सरकार ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले पति तथा पत्नी को नगद ईनाम देने के साथ ही चुनाव के समय टिकट देने में भी प्राथमिकता देगी। इस घोषणा से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को बड़ा लाभ होने वाला है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Mar 2026 05:34 PM
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Andhra Pradesh population policy : ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। भारत के एक विशेष प्रदेश की सरकार ने ज्याद बच्चे पैदा करने पर ईनाम देने की घोषणा की है। इस विशेष प्रदेश की सरकार ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले पति तथा पत्नी को नगद ईनाम देने के साथ ही चुनाव के समय टिकट देने में भी प्राथमिकता देगी। इस घोषणा से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को बड़ा लाभ होने वाला है।

आंध्र प्रदेश की सरकार देगी तीसरे बच्चे पर ईनाम

आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश की सरकार ने ‘हम दो-हमारे दो’ वाली कहावत को अलविदा बोल दिया है। आंध्र प्रदेश की सरकार ने तीसरा बच्चा पैदा करने पर 25 हजार रूपए का नगद ईनाम देने की घोषणा की है। इतना ही नहीं सरकार ने यह भी घोषणा की है कि तीन तथा तीन से ज्याद बच्चे पैदा करने वालों को स्थानीय चुनाव के टिकट देने में प्राथमिकता दी जाएगी। यह घोषणा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू ने पत्रकारों के सामने की है। 

ज्यादा बच्चे पैदा करने पर ईनाम की घोषणा का कारण?

आंध्र प्रदेश की सरकार ने ज्यादा बच्चे पैदा करने पर ईनाम की घोषणा क्यों की है? इस बात को पूरी तरह से समझने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू के बयान को समझना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू ने अपने प्रदेश की घटती हुई प्रजनन दर पर गहरी चिंता जाहिर की है। यह चिंता जताते हुए श्री नायडू ने बताया कि उन्होंने प्रदेश की विधानसभा में जनसंख्या प्रबंधन नीति का नया प्रस्ताव पेश किया है। श्री नायडू ने विधानसभा में कहा कि जनसंख्या प्रबंधन नीति का उद्देश्य गिरती हुई प्रजनन दर (TFR) को सुधारना है जो जो 1993 में 3.0 थी और अब घटकर 1.5 रह गई है। मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि ये गिरावट आर्थिक विकास के लिए खतरा है, क्योंकि युवा कार्यबल की संख्या कम हो रही है और राज्य को जापान, दक्षिण कोरिया-इटली जैसी उम्रदराज आबादी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू ने सदन में बताया कि 2023 की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में हर साल केवल 6.70 लाख जन्म दर्ज किए जा रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो 2047 तक बुजुर्गों का अनुपात 23 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा जो कि आर्थिक विकास के लिए खतरा है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) को 15 प्रतिशत तक ले जाने के लिए महिला कार्यबल की भागीदारी को 31 प्रतिशत से बढ़ाकर 59 प्रतिशत करना अनिवार्य है। सरकार अब जनसंख्या वृद्धि को एक बोझ के बजाय वरदान के रूप में देख रही है'।

5 चरणों वाला लाइफ साइकिल सिस्टम शुरू करेगी आंध्र प्रदेश सरकार

प्रस्तावित नीति के तहत सरकार मातृत्व, शक्ति, नैपुण्यम, क्षेम और संजीवनी जैसे पांच चरणों वाला लाइफ साइकिल सिस्टम शुरू करेगी। महिलाओं की सहायता के लिए 'मातृत्व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए जाएंगे, जहां आईवीएफ (IVF) सेवाएं उपलब्ध होंगी। सरकार सिजेरियन ऑपरेशन को हतोत्साहित करेगी। हर 50 बच्चों के लिए चाइल्ड केयर सेंटर और पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। विशाखापत्तनम में 172 करोड़ रुपये की लागत से कामकाजी महिलाओं के लिए एक विशाल हॉस्टल भी तैयार किया जाएगा। जनसंख्या को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 'पोषण-शिक्षा-सुरक्षा' पैकेज के तहत तीसरे बच्चे के जन्म पर 25,000 रुपये का प्रोत्साहन देगी। इसके अलावा, तीसरे बच्चे को पांच साल तक हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे और 18 साल की उम्र तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि माता को 12 महीने का और पिता को 2 महीने का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा। हर चौथे शनिवार को 'जनसंख्या देखभाल' पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। Andhra Pradesh population policy

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राजस्थान के लाल ने कर दिया कमाल, UPSC में गाड़ा झंडा

राजस्थान के इस बेटे की पूरे देश में खूब सराहना हो रही है। लोग बोल रहे हैं कि राजस्थान के लाल ने बड़ा कमाल कर दिया है। भारत में लाड़ले बेटे को लाल कहकर संबोधित किया जाता है।

UPSC टॉपर अनुज अग्निहोत्री
UPSC टॉपर अनुज अग्निहोत्री
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Mar 2026 04:28 PM
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UPSC Result 2025 final result : राजस्थान प्रदेश के बेटे अनुज अग्निहोत्री ने बड़ा कमाल कर दिया है। मूल रूप से राजस्थान प्रदेश के रहने वाले अनुज अग्निहोत्री ने संघ लोक सेवा आयोग UPSC की वर्ष-2025 की परीक्षा में पूरे देश को टॉप किया है। राजस्थान के इस बेटे की पूरे देश में खूब सराहना हो रही है। लोग बोल रहे हैं कि राजस्थान के लाल ने बड़ा कमाल कर दिया है। भारत में लाड़ले बेटे को लाल कहकर संबोधित किया जाता है।

भारत की सबसे कठिन परीक्षा में गाड़ दिया झंडा

राजस्थान प्रदेश के रहने वाले डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री ने UPSC की परीक्षा-2025 में टॉप किया है। UPSC की परीक्षा के द्वारा ही भारत में IAS तथा IPS अधिकारी बनते हैं। UPSC की परीक्षा को भारत की सबसे प्रतिष्ठित तथा सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। UPSC की परीक्षा देने के लिए हर साल लाखों की संख्या में युवक तथा युवतियों आवेदन करते हैं। इन लाखों आवेदकों में से मात्र कुछ सैकड़ा अभ्यार्थी ही सफल हो पाते हैं। UPSC की परीक्षा में तीन चरण होते हैं। UPSC की परीक्षा के प्रथम चरण में प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) होती है। UPSC में Prelims में पास होने वाले अभ्यार्थी मुख्य परीक्षा यानि Mains में बैठते हैं। Mains में पास होने वाले अभ्यार्थियों का इंटरव्यू लिया जाता है। इंटरव्यू में पास होने वाले अभ्यार्थी ही IAS, IPS तथा IFS अधिकारी बनते हैं। भारत की सबसे कठोर परीक्षा UPSC में टॉप करके डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री सबका लाड़ला बेटा बन गया है।

कौन है डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री?

आपको बता दें कि डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री मूल रूप से राजस्थान प्रदेश के रहने वाले हैं। वें राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ जिले में स्थित रावतभाटा शहर के रहने वाले हैं। डॉक्टर अनुज अग्निहोत्री ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने ही शहर से पूरी की और इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़े। अनुज की सफलता की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणादायक बन गई है, क्योंकि उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई करने के बाद प्रशासनिक सेवा की राह चुनी और उसमें सर्वोच्च स्थान हासिल किया। अनुज अग्निहोत्री की स्कूली शिक्षा राजस्थान के रावतभाटा में ही पूरी हुई। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे अनुज ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने जोधपुर स्थित AIIMS जोधपुर से MBBS की डिग्री हासिल की। मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और कड़ी मेहनत के दम पर UPSC CSE 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर ली।डाक्टर बनकर नहीं हुए संतुष्ट इसलिए दी UPSC की परीक्षा

अनुज अग्निहोत्री MBBS करके डॉक्टर तो जरूर बन गए किन्तु वें डॉक्टर बनकर संतुष्ट नहीं हुए। डॉक्टर बनने के बाद अनुज अग्निहोत्री ने प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के व्यापक स्तर पर काम करने का लक्ष्य तय किया। उनका मानना था कि सिविल सेवा के माध्यम से वे समाज में बड़े स्तर पर बदलाव ला सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी की और अपने पहले ही प्रयासों में शानदार सफलता हासिल करते हुए UPSC की परीक्षा में 2025 में ऑल इंडिया रैंक—3 हासिल कर ली। UPSC Result 2025 final result




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