वीर चक्र से सम्मानित भारतीय वायुसेना के साहसी योद्धा तथा चर्चित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन की पूरी कहानी जानिए। 2019 के भारत-पाक हवाई संघर्ष से लेकर वीर चक्र सम्मान तथा 2026 में FLY91 के साथ नागरिक विमानन की नई पारी तक का सफर।

National News : भारतीय वायुसेना के वीर और साहसी योद्धा ग्रुप कैप्टन तथा चर्चित वायुसैनिक अभिनंदन का नाम देश के उन जांबाज सैनिकों में लिया जाता है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस, धैर्य और देशभक्ति का परिचय दिया। वर्ष 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष के दौरान MiG-21 Bison से मुकाबला करते हुए पाकिस्तानी F-16 को निशाना बनाने और इसके बाद पाकिस्तान की हिरासत में जाने के बावजूद जिस तरह उन्होंने संयम बनाए रखा, उसने उन्हें देशभर में वीरता और आत्मसम्मान का प्रतीक बना दिया। लेकिन अभिनंदन वर्धमान की कहानी केवल 2019 के उस हवाई मुकाबले तक सीमित नहीं है। उनकी सैन्य यात्रा 2004 में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान पायलट के रूप में शुरू हुई और आगे चलकर वे ग्रुप कैप्टन के पद तक पहुंचे। नवंबर 2021 में उन्हें ग्रुप कैप्टन पद पर पदोन्नति मिली। National News
पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इसके अगले दिन 27 फरवरी 2019 को भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के बीच हवाई संघर्ष हुआ। इसी संघर्ष में तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने MiG-21 Bison से पाकिस्तानी लड़ाकू विमान का मुकाबला किया। भारतीय पक्ष के अनुसार उन्होंने पाकिस्तान के F-16 विमान को मार गिराया। हालांकि इसी कार्रवाई के दौरान उनका MiG-21 भी क्षतिग्रस्त हो गया और उन्हें विमान से बाहर निकलना पड़ा। इसके बाद वे पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जा पहुंचे और पाकिस्तानी सेना की हिरासत में ले लिए गए। National News
अभिनंदन की वीरता केवल आसमान में दिखाई नहीं दी। पाकिस्तान की हिरासत में रहने के दौरान भी उनके व्यवहार और संयम ने पूरे देश का ध्यान खींचा।
करीब तीन दिन तक हिरासत में रहने के बाद 1 मार्च 2019 को उन्हें भारत वापस लाया गया। तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच उनकी वापसी देश के लिए बेहद भावुक क्षण थी। उनकी तस्वीर, उनकी विशिष्ट मूंछें और उनका आत्मविश्वास उस दौर में पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था। National News
अभिनंदन वर्धमान के अदम्य साहस को देश ने वीर चक्र से सम्मानित किया। यह भारत के प्रमुख युद्धकालीन वीरता पुरस्कारों में शामिल है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 2021 में उन्हें वीर चक्र प्रदान किया था। इसके बाद उनकी सैन्य यात्रा भी आगे बढ़ती रही और वे ग्रुप कैप्टन के पद तक पहुंचे। नवंबर 2021 में उनकी पदोन्नति की खबर सामने आई थी। National News
अभिनंदन वर्धमान का नाम भारतीय वायुसेना के MiG-21 Bison और उसकी 51 स्क्वाड्रन से विशेष रूप से जुड़ा रहा। जिस MiG-21 से उन्होंने 2019 में पाकिस्तानी विमान का मुकाबला किया था, वह उस दौर में भारत के पुराने लड़ाकू विमानों में शामिल था। बाद में भारतीय वायुसेना ने श्रीनगर स्थित 51 स्क्वाड्रन को सितंबर 2022 में चरणबद्ध तरीके से सेवा से हटाने की प्रक्रिया पूरी की। National News
अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना में लगभग 22 वर्षों तक सेवा देने के बाद 31 मार्च 2026 को सैन्य सेवा से विदाई ली। लेकिन उन्होंने आसमान से अपना रिश्ता खत्म नहीं किया। अब उन्होंने नागरिक विमानन की दुनिया में नई पारी शुरू की है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार वे गोवा की क्षेत्रीय विमानन कंपनी FLY91 से व्यावसायिक पायलट के रूप में जुड़े हैं। रिपोर्टों के मुताबिक वे प्रशिक्षण के बाद ATR 72-600 जैसे यात्री विमान उड़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यानी जिस पायलट ने कभी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए लड़ाकू विमान उड़ाया था, वही अब नागरिक यात्रियों को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। National News
अभिनंदन वर्धमान की नई भूमिका उनके जीवन की दिशा में बड़ा बदलाव जरूर है, लेकिन उड़ान का जुनून वही है। एक ओर MiG-21 का कॉकपिट था, जहां हर सेकंड देश की सुरक्षा का सवाल था। दूसरी ओर अब नागरिक विमान का कॉकपिट होगा, जहां सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा उनकी जिम्मेदारी होगी। उनकी कहानी इस बात की मिसाल है कि एक सैनिक की सेवा केवल वर्दी तक सीमित नहीं होती। अनुशासन, साहस, तकनीकी दक्षता और जिम्मेदारी जैसे गुण सैन्य सेवा के बाद भी समाज और देश के काम आते हैं। National News
अभिनंदन वर्धमान की यात्रा में कई अध्याय हैं वायुसेना में प्रवेश, लड़ाकू पायलट के रूप में प्रशिक्षण, MiG-21 की उड़ान, पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष, दुश्मन की हिरासत, वीर चक्र सम्मान, ग्रुप कैप्टन तक पदोन्नति और अब नागरिक विमानन में नई जिम्मेदारी। उनकी कहानी केवल एक युद्ध नायक की कहानी नहीं है। यह साहस, संयम, कर्तव्य और परिस्थितियों के सामने न झुकने की कहानी है। आज जब वे सैन्य वर्दी से निकलकर यात्री विमान के कॉकपिट की ओर बढ़ रहे हैं, तो यह उनके जीवन की एक नई उड़ान है। National News
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