
Indian Navy: इस वक्त की बड़ी खबर भारतीय नौ सेना कैंप से आ रही है। नाविक सैनिकों के माध्यम से भारतीय नौ सेना जल यानि हिंद महासागर में भी झंडे गाड़ने की तैयारी कर रही है। इस बाबत सैन्य अधिकारियों की ओर से तैयारी शुरु कर दी गई है और वर्ष 2027 तक भारत सैन्य मामलों में पुरी तरह से आत्मनिर्भर बन जाएगा।
यह दावा किया है भारतीय नौ सेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने। शनिवार को नौ सेना दिवस के अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय नौ सेना हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के विभिन्न सैन्य एवं अन्वेषण जहाजों पर कड़ी नजर रखती है। आगे से हिंद महासागर में भारत की प्रभुता बरकार रखने के लिए अग्निवीरों के माध्यम से सेना को अतिरिक्त शक्तियां प्रदान करने की योजना भी है।
उन्होंने बताया कि भारतीय नौ सेना ने पिछले एक वर्ष के दौरान बेहद ऊंची अभियानगत क्षमता हासिल की है। समुद्री सुरक्षा को लेकर भारतीय नौ सेना बेहद गंभीर है और समुद्री सुरक्षा की अहमियत पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नौसेना का लक्ष्य देश के लिए भारत में निर्मित सुरक्षा समाधान हासिल करना है। उन्होंने कहा कि नौसेना में करीब 3000 अग्निवीर पहुंच गए हैं जिनमें से 341 महिलाएं हैं। नौसेना प्रमुख ने कहा कि पहली बार हम महिला नाविकों को नौसेना में शामिल कर रहे हैं।
नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारत सरकार ने हमें आत्मनिर्भर भारत पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। जिस पर हमने बताया है कि भारतीय नौसना 2047 तक आत्मनिर्भर बन जाएगी।
एडमिरल आर हरि कुमार ने यह भी कहा कि अभियानगत क्षमता की दृष्टि से देखा जाए तो पिछले एक साल में हमारा बहुत व्यस्त समय रहा। उन्होंने कहा कि विमानवाहक आईएनएस विक्रांत का नौसेना के बेड़े में शामिल होना भारत के लिए ऐतिहासिक घटना है।
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