Indian Railway New CEO : रेलवे ने 105 साल के इतिहास मे किसी महिला को पहली बार सीईओ नियुक्त किया है। रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक जया वर्मा सिन्हा को रेलवे बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। बालासोर में हुए कोरमंडल एक्सप्रेस हादसे के वक्त जया वर्मा काफी एक्टिव थींं और पीएम मोदी को घटना का ब्योरा शेयर कर रही थी। इस दौरान उनके काम की भी काफी तारीफ हुई थी। वह अनिल कुमार लाहोटी का स्थान लेंगी। यह नियुक्ति 1 सितंबर 2023 से उनकी सेवानिवृत्ति तक प्रभावी रहेगी।
दरअसल, मौजूदा रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी का कार्यकाल पूरा होने वाला है। इसे लेकर रेलवे ने वरीयता के आधार पर चार लोगों का पैनल तैयार किया था। मोदी सरकार ने जया वर्मा सिन्हा को इस पैनल का अध्यक्ष बनाने पर लगभग अपनी मंजूरी दे दी है। बालासोर में कोरामंडल एक्सप्रेस हादसे की जांच से लेकर राहत बचाव कार्य के वक्त उनके कार्य की काफी सराहना हुई। बालासोर की घटना का उन्होनें पॉवर प्रजेंटेशन भी बनाया था। पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से जानकारी दी थी। अब इस महिला अधिकारी से रेलवे को काफी उम्मीदें है।
ऐसा माना जा रहा है कि मोदी सरकार की ओर से रक्षाबंधन पर मोदी सरकार की ओर से जया वर्मा सिन्हा को रेलवे बोर्ड अध्यक्ष पद का गिफ्ट देने जा रही है। जया वर्मा सिन्हा पिछले 35 साल से रेलवे में कार्यरत हैं, इस दौरान उन्होंने रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई है।
जया वर्मा सिन्हा का कार्यकाल 31 अगस्त 2024 को समाप्त होगा। गौरतलब है कि सिन्हा 1 अक्टूबर को रिटायर होने वाली हैं। उन्हें अपने बाकी बचे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया जाएगा।
जया वर्मा सिन्हा ने अपनी पढ़ाई इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पूरी की है, रेलवे में वह दक्षिण पूर्व रेलवे, उत्तर रेलवे और पूर्व रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों को संभाल चुकी हैं। उन्होंने चार वर्षों तक बांग्लादेश के ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग में रेलवे सलाहकार के रूप में भी काम किया। कोलकाता से ढाका के बीच चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस का उद्घाटन उन्हीं के कार्यकाल का माना जाता है। वर्तमान में वह रेलवे बोर्ड के सदस्य (संचालन और व्यवसाय विकास) के तौर पर काम कर रही थीं। जया वर्मा सिन्हा रेलवे बोर्ड की पहली महिला चेयरपर्सन और सीईओ बनने जा रही हैं। Indian Railway New CEO