ट्रेन में सफर के दौरान भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट से परेशान यात्रियों के लिए राहत की खबर है। भारतीय रेलवे मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की कोच क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। योजना के तहत एलएचबी रेक वाली ट्रेनों को अधिकतम 24 कोच तक संचालित किया जाएगा।

Indian Railways : ट्रेन में सफर के दौरान भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट से परेशान यात्रियों के लिए राहत की खबर है। भारतीय रेलवे मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की कोच क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। योजना के तहत एलएचबी रेक वाली ट्रेनों को अधिकतम 24 कोच तक संचालित किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रेनों में स्लीपर और जनरल श्रेणी के डिब्बों की न्यूनतम संख्या भी निर्धारित की जाएगी। रेलवे के प्रस्तावित नए मानकों के अनुसार, जरूरत के हिसाब से ट्रेनों में कम से कम छह से आठ स्लीपर और चार जनरल कोच रखे जाने की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य खास तौर पर आम और मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए नॉन-एसी सीटों की उपलब्धता बढ़ाना और भीड़ कम करना है। Indian Railways
रेलवे जल्द ही करीब 3,200 किलोमीटर लंबी दूरी के मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की कोच संरचना को नए मानकों के अनुरूप करने की तैयारी में है। इसके तहत जिन ट्रेनों में वर्तमान में निर्धारित संख्या से कम स्लीपर या जनरल डिब्बे हैं, उनमें अतिरिक्त कोच लगाए जा सकते हैं। 24 कोच वाले मानक एलएचबी रेक के अनुरूप ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। रेलवे का अनुमान है कि इस बदलाव से हर साल करीब 32 से 36 करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को यात्रा की सुविधा मिल सकती है। Indian Railways
नई व्यवस्था का असर देश के व्यस्त रेल मार्गों पर चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनों पर पड़ने की उम्मीद है। वैशाली एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस और अवध-असम एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाने की संभावना है। इन ट्रेनों में दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद, पुणे और चेन्नई जैसे शहरों से बड़ी संख्या में यात्री अपने गृह क्षेत्रों की ओर यात्रा करते हैं। कोच बढ़ने से खासकर स्लीपर और जनरल श्रेणी में सीटों की उपलब्धता बढ़ सकती है और वेटिंग लिस्ट का दबाव कम होने की उम्मीद है। Indian Railways
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल अधिकांश मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में करीब 18 से 22 कोच होते हैं। इनमें स्लीपर के लगभग चार से छह और जनरल श्रेणी के दो से तीन कोच शामिल होते हैं। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए नॉन-एसी कोच का निर्माण तेज किया जा रहा है। नई व्यवस्था में मांग और भीड़ की स्थिति के अनुसार कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने की सुविधा भी रखी जाएगी। इससे त्योहारी सीजन और अधिक यात्री दबाव वाले समय में क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। Indian Railways
रेलवे के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 9,640 नए नॉन-एसी कोच तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें करीब 5,455 जनरल और 4,185 स्लीपर कोच शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से 4,838 कोच का निर्माण पूरा हो चुका है। इसमें 2,817 जनरल और 2,021 स्लीपर कोच शामिल हैं। बाकी कोच का निर्माण जारी है। Indian Railways
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