रेलवे का यह निर्णय सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सुचारू आवाजाही से जुड़ा है। रोजाना लाखों लोग लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों से सफर करते हैं, ऐसे में जरा सी लापरवाही भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है।

Platform Ticket : भारतीय रेलवे ने महापरिनिर्वाण दिवस पर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। सेंट्रल रेलवे ने मुंबई समेत अपने 13 अहम स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री अस्थायी रूप से रोक दी है। तय समय के दौरान बिना जरूरत प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ाने की कोशिश करने वालों पर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है, यानी जेब कटनी लगभग तय है। रेलवे का यह निर्णय सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सुचारू आवाजाही से जुड़ा है। रोजाना लाखों लोग लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों से सफर करते हैं, ऐसे में जरा सी लापरवाही भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है।
महापरिनिर्वाण दिवस पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने सख्त कदम उठाया है। यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़ पर रोक लगाने के लिए कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री अस्थायी रूप से रोक दी गई है। 7 दिसंबर 2025 तक प्लेटफॉर्म टिकट पूरी तरह बंद रहेंगे
रेलवे ने साफ चेतावनी दी है कि इन स्टेशनों पर बिना टिकट प्लेटफॉर्म में अनावश्यक भीड़ लगाने वालों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। यात्रियों से अपील है कि वे नियमों का पालन करें और जरूरी होने पर ही स्टेशन परिसर में प्रवेश करें।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की जानकारी के अनुसार, रेलवे बोर्ड के दिशा–निर्देशों के तहत प्लेटफॉर्म टिकट पर लगी इस सख्ती के बीच कुछ संवेदनशील श्रेणियों के लिए राहत का प्रावधान भी रखा गया है। जरूरत पड़ने पर इन श्रेणियों के साथ आने वालों को प्लेटफॉर्म टिकट जारी किए जा सकेंगे, ताकि उनके सफर में मदद की जा सके और देखभाल में कोई कमी न रह जाए। इनमें शामिल हैं–
यानी एक तरफ भीड़ और अव्यवस्था पर कड़ाई से रोक, तो दूसरी तरफ जरूरतमंदों के लिए मानवीय छूट– रेलवे ने व्यवस्था को सख्त भी रखा है और संवेदनशील भी, ताकि सुरक्षा के साथ–साथ सुविधा भी बनी रहे।
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने स्पष्ट किया कि महापरिनिर्वाण दिवस पर लाखों की संख्या में अनुयायियों और यात्रियों के मुंबई एवं अन्य स्टेशनों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्लेटफॉर्म टिकट पर यह विशेष प्रतिबंध लगाया गया है। मकसद साफ है – भीड़ पर नियंत्रण, यातायात में सुगमता और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे भी इस व्यवस्था में सहयोगी बनें और यात्रा की योजना बनाते समय इन बातों का खास ध्यान रखें–
डॉ. नीला ने कहा कि ऐसा करने से न सिर्फ आपकी अपनी यात्रा ज्यादा आरामदायक और सहज होगी, बल्कि प्लेटफॉर्म पर ट्रेन में चढ़ने–उतरने की प्रक्रिया भी ज्यादा सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से संचालित की जा सकेगी।
इधर भीड़ प्रबंधन को अगले स्तर पर ले जाने के लिए रेलवे मंत्रालय ने एक और अहम पहल तेज कर दी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर होल्डिंग एरिया का जो प्रयोग किया गया था, वह इतना सफल रहा कि अब इसे देशभर के बड़े स्टेशनों पर लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। मंत्रालय ने फैसला लिया है कि इस मॉडल को देश के 75 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से अपनाया जाएगा। लक्ष्य यह रखा गया है कि साल 2026 के त्योहारों के सीजन से पहले इन पैसेंजर होल्डिंग एरियाज़ का निर्माण पूरा हो जाए।
इन होल्डिंग एरियाज़ के शुरू हो जाने के बाद