
Indigo Flight: इंडिगो एयरलाइन लगातार विवादों में बना हुआ है। अब एक नया मामला सामने आया है। यह विवाद भाषा को लेकर हुआ है। एयरलाइन में एक तेलगु महिला यात्रा से भाषायी भेदभाव किए जाने का मामला सामने आया है। दरअसल यह महिला यात्री हिंदी और अंग्रेजी नहीं समझ पा रही थी। जिस कारण उसके साथ असभ्य व्यवहार करते हुए उसे सीट बदलने के लिए मजबूर किया गया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार तेलंगाना सरकार के मंत्री और टीआरएस के अध्यक्ष कल्वकुंतल तारक रामाराव ने अपने अधिकृत ट्वीटर हैंडल पर इस मामले को रिट्वीट करते हुए लिखा कि, प्रबंधन, मैं आपसे स्थानीय भाषाओं और उन यात्रियों का सम्मान करना शुरू करने का अनुरोध करता हूं जो अंग्रेजी या हिंदी में अच्छी तरह से वाकिफ नहीं हैं। क्षेत्रीय मार्गों में स्थानीय भाषा जैसे तेलुगु, तमिल, कन्नड़ आदि बोलने वाले स्टॉफ की ज्यादा भर्ती कर सकते हैं। यह एक अच्छा समाधान होगा।
आईआईएम असिस्टेंट प्रोफेसर ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए बताया कि एक महिला 2ए सीट पर बैठी थी, लेकिन क्रू मैंबर टीम ने उसको 3सी में जाने के लिए मजबूर किया। कहा कि महिला पैसेंजर केवल तेलुगु भाषा ही समझती थी, उसको अंग्रेजी या हिंदी नहीं आती थी। इस पर अटेंडेंट ने महिला को सुरक्षा का हवाला देते हुए ऐसा करने के लिए मजबूर किया।
अटेंडेंट ने कहा कि आंध्र प्रदेश से तेलंगाना के लिए इंडिगो फ्लाइट में उनके पास तेलुगु में कोई निर्देश नहीं है। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से उनको सीट बदलनी होगी, क्योंकि वह अंग्रेजी व हिंदी नहीं समझती हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि हम दुखी हैं, तो हमें (उसे नहीं) शिकायत करनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके अपने ही राज्य में गैर हिंदी नागरिकों को दूसरे दर्जे का नागरिक समझा जा रहा है।
इस ट्वीट के बाद कई लोगों ने रिट्वीट करते हुए उनकी बातों का समर्थन किया और भाषायी भेदभाव को अच्छी बात नहीं कहा। इसके साथ ही कुछ ने हवाई यात्रा के अपने अनुभवों को भी साझा किया। कुछ लोग देवस्मिथ की बातों से सहमत नहीं दिखे।