Indore medical college : महिला पुलिसकर्मी ने स्टूडेंट बन कर पकड़ा रैगिंग करने वाले छात्रों को
भारत
चेतना मंच
12 Dec 2022 05:55 PM
Indore medical college : स्टूडेंट के बीच में शामिल हो कर रैगिंग करने वाले समूह का भंडाफोड़ करने वाली 24 वर्षीय शालिनी चौहान इंदौर पुलिस में एक महिला पुलिसकर्मी के पद पर कार्यरत हैं। उनके इस कार्य से पुलिस महकमे में भी उनकी जमकर तारीफ हो रही है। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला...
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मेडिकल कॉलेज ( महात्मा गाँधी स्मृति मेडिकल कॉलेज) ( Indore medical college) में रैगिंग की कई घटनाएं सामने आने के बाद एक महिला पुलिसकर्मी ने स्टूडेंट के तौर पर ही कॉलेज में प्रवेश लिया और पूरी पड़ताल के बाद आरोपियों को पहचानने में अहम भूमिका निभाई। इस महिला पुलिसकर्मी का नाम शालिनी चौहान है और वह महज़ 24 वर्ष की हैं। इस मामले को पूरी तरह से गुप्त रखा गया ताकि बिना किसी संदेह के आरोपी छात्रों को सजा दिलायी जा सके।
बताया जा रहा है कि इस मेडिकल कॉलेज (Indore medical college) में सीनियर छात्रों के द्वारा जूनियर छात्रों की रैगिंग करने का मामला देखा गया था जिसके कारण कुछ छात्रों ने यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की हेल्पलाइन पर शिकायत भी दर्ज कराई थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए संयोगितागंज थाने में यह दर्ज भी किया गया। इस मामले की पड़ताल करने के लिए एक अंडरकवर टीम का गठन किया था जिसका हिस्सा शालिनी चौहान को बनाया गया।
किस प्रकार आरोपियों को पकड़ा शालिनी ने?
थानाप्रभारी तहजीब काजी और सब इंस्पेक्टर सत्यजीत चौहान के द्वारा इस मामले का नेतृत्व किया जा रहा था और आरोपी छात्रों की सही पहचान के लिए स्टूडेंट से मिलना और उनके व्यवहार को जानना काफ़ी महत्वपूर्ण था। इस कार्य के लिए शालिनी चौहान को चुना गया और उन्होंने इसे बखूबी निभाया भी। वे छात्रों से घुलने-मिलने के लिए कैंटीन में काफ़ी वक़्त बिताती थीं और जूनियर छात्रों से काफ़ी बातचीत करती थीं। कुछ ही समय में वे सीनियर छात्रों तक भी पहुँच गयीं और रैगिंग जैसे कामों में शामिल छात्रों को पहचाना। अब तक 10 आरोपियों की पहचान हो चुकी है और 6 छात्रों को गिरफ्त में भी ले लिया गया है।
पुलिस महकमे के द्वारा बताया गया कि शालिनी बातचीत करने में काफ़ी अच्छी हैं और वे सभी से हंस बोल कर बात करती हैं। इसी कारण से वे इस मामले को अंजाम तक पहुँचा सकी।