संकट में फंसा IndusInd Bank, दनादन दिए जा रहे इस्तीफे
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:04 AM
इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) इन दिनों गहरे संकट से जूझ रहा है। वित्तीय अनियमितताओं, भारी घाटे और एक के बाद एक बड़े पदाधिकारियों के इस्तीफों के चलते इंडसइंड बैंक सुर्खियों में बना हुआ है। लेकिन अब इस संकटग्रस्त बैंक को एक नई उम्मीद मिली है। राजीव आनंद (Rajeev Anand) जिन्हें बैंक का नया पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त किया गया है। IndusInd Bank
चार महीने बाद मिला स्थायी सीईओ
लगभग चार महीने तक बिना पूर्णकालिक सीईओ के संचालन के बाद, इंडसइंड बैंक को अब अनुभवी बैंकर राजीव आनंद का साथ मिला है। उनकी नियुक्ति 25 अगस्त 2025 से लेकर 24 अगस्त 2028 तक तीन साल के लिए की गई है, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी भी मिल चुकी है।
कौन हैं राजीव आनंद?
59 वर्षीय राजीव आनंद बैंकिंग जगत में एक जाना-माना नाम हैं। वे हाल ही में एक्सिस बैंक के डिप्टी एमडी पद से रिटायर हुए हैं और उनके पास 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने एसेट मैनेजमेंट, रिटेल बैंकिंग और थोक बैंकिंग जैसे अहम क्षेत्रों में काम किया है। वे साल 2009 में एक्सिस ग्रुप से जुड़े थे और 2013 से रिटेल बैंकिंग व बाद में थोक बैंकिंग का नेतृत्व करते रहे।
क्या था पूरा मामला?
इंडसइंड बैंक में संकट की शुरुआत 10 मार्च 2025 को हुई, जब बैंक ने खुलासा किया कि उसके डेरिवेटिव ट्रेडिंग बुक में गलत अकाउंटिंग के चलते ₹1,600 करोड़ का संभावित घाटा हो सकता है। यह घाटा मार्क-टू-मार्केट (MTM) आधार पर आंका गया जिससे बैंक की नेटवर्थ पर 2.35% तक असर पड़ा। इस खुलासे के बाद पता चला कि ये जानकारी जानबूझकर छिपाई गई थी, ताकि शेयर की वैल्यू पर असर न पड़े। लेकिन जब मामला सामने आया, तो निवेशकों में हड़कंप मच गया और बैंक के शेयर लगातार गिरने लगे।
इस्तीफों की बौछार
इस संकट की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बैंक के तत्कालीन सीईओ सुमंत कठपालिया ने अप्रैल में इस्तीफा दे दिया। उनके साथ-साथ डिप्टी सीईओ अरुण खुराना समेत कई अन्य सीनियर अधिकारियों ने भी पद छोड़ दिए। बैंक की पहली तिमाही (Q1 FY26) में ही नेट प्रॉफिट में 72% की गिरावट आई, जिससे हालात और बिगड़ गए।
राजीव आनंद की नियुक्ति को लेकर बाजार में उम्मीदें बढ़ी हैं। सोमवार के कारोबारी दिन इंडसइंड बैंक का शेयर 2.46% की तेजी के साथ ₹802.95 पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप इस समय ₹62,550 करोड़ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या राजीव आनंद इस संकट को संभाल पाएंगे और बैंक को पुराने ट्रैक पर वापस ला पाएंगे? मंगलवार को IndusInd Bank के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। अगर आप निवेशक हैं, तो कंपनी की आगे की रणनीतियों पर नजर रखना जरूरी होगा।