
Saharanpur News : इन दिनों पूरा देश संक्रामक बीमारी की चपेट में है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अपने घर से 142 किलोमीटर दूर जाकर किसी ऐसे व्यक्ति की जान बचाता है, जो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा हो, तो इसे आप क्या कहेंगे। ऐसा ही कुछ सहारनपुर के युवक पार्थ माहेश्वरी ने किया है। उन्होंने सहारनपुर से 142 किलोमीटर दूर मोहाली (mohali) जाकर एक व्यक्ति को जीवनदान देने का काम किया है।
सहारनपुर जनपद में कोरोना के बाद अब ड़ेंगू बुखार विगत माह से अपने पैर पसारे हुए है। सहारनपुर में ड़ेंगू बुखार से पीड़ितों की संख्या दिन- प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ड़ेंगू बुखार में मरीजों की प्लेटलेट्स जल्दी गिर जाती है। जिससे उनको प्लेटलेट्स चढ़वाने की आवश्यकता पड़ती है। जब मरीजों के परिजनों को कोई प्लेटलेट दाता नहीं मिल पाता है तो रक्तदान क्षेत्र में सक्रिय रक्तवीर आपातकाल में देवदूत बनकर मरीज के लिए अपनी प्लेटलेट्स दान करके जीवन बचाने का कार्य करते हैं। एफ.बी.डी. ट्रस्ट के रक्तवीर पार्थ माहेश्वरी अभी तक सहारनपुर जनपद में सर्वाधिक 34वीं बार प्लेटलेट्स का दान कर चुके हैं। रविवार की रात 34वीं बार उन्होंने सहारनपुर से मोहाली फोर्टिस हॉस्पिटल में जाकर एक अत्यंत गंभीर मरीज के लिए प्लेटलेट्स दान की है।
पार्थ माहेश्वरी का कहना है कि उनका रक्त समूह बी पॉजिटिव है। जिसकी प्लेटलेट्स की डिमाण्ड सबसे अधिक आती है। वे हर 15 दिन में प्लेटलेट्स का दान करते रहते है। प्लेटलेट्स एक साल में 24 बार दी जा सकती है।
संस्था अध्यक्ष पंकज कुमार पाँचाल ने बताया कि दिन हो या रात हम 24 घण्टे रक्तदान व प्लेटलेट्स सेवाओ के लिए तत्पर है। इसके लिए हमने एक स्पेशल टीम का गठन किया हुआ है जो केवल ड़ेंगू केस को ही फोन कॉल व व्हाट्सएप के माध्यम से फॉलो करती है और उन्हें पूरा करने में अहम भूमिका निभाती है।